
लखनऊ, 15 अगस्त 2026:
बसपा से निष्कासित पूर्व मंत्री अनंत कुमार मिश्रा उर्फ अंटू मिश्रा ने शनिवार को पहली बार मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि बसपा अध्यक्ष मायावती उनके लिए बड़ी बहन जैसी हैं। पार्टी से निष्कासन का उनका फैसला स्वीकार है, लेकिन उन्होंने खुद पर लगे अनुशासनहीनता के आरोपों से इनकार किया। अंटू मिश्रा ने कहा कि उन्हें पार्टी के कार्यक्रमों में कोऑर्डिनेटर्स की तरफ से बुलाया ही नहीं जाता था। कई बार कार्यक्रम की जानकारी भी उन्हें बाद में मिलती थी। ऐसे में बिना बुलाए किसी कार्यक्रम में जाना उनके लिए संभव नहीं था।
बोले, बसपा कार्यकर्ताओं से जुड़ाव बना हुआ है
उन्होंने कहा कि पार्टी में रहते हुए वह लगातार बसपा कार्यकर्ताओं की मदद करते रहे। ब्राह्मण समाज को पार्टी से जोड़ने का काम भी करते रहे। अंटू मिश्रा ने कहा कि बसपा ने उन्हें राजनीतिक जीवन में बहुत कुछ दिया है, इसलिए पार्टी के कार्यकर्ताओं के प्रति उनका सम्मान बना रहेगा। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि छात्र जीवन से लेकर अब तक करीब 40 साल की राजनीति में रहे हैं। इनमें 23 साल बसपा के साथ बीते हैं। उनका दावा है कि उन्होंने अपनी क्षमता से ज्यादा पार्टी के लिए काम किया।
कार्यकर्ताओं से राय लेकर तय करेंगे अगला कदम
अंटू मिश्रा ने कहा कि वह अपने ऊपर लगे आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। अब वह अपने समाज के लोगों, बसपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनकी राय लेंगे। इसके बाद आगे की राजनीतिक रणनीति तय करेंगे। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में राजनीति तेजी से बदल रही है। ऐसे में परिस्थितियों को देखते हुए आगे का फैसला लिया जाएगा। अंटू मिश्रा ने साफ कहा कि अब वह बसपा में वापसी की कोशिश नहीं करेंगे।
पार्टी विरोधी गतिविधियों का लगा था आरोप
बसपा सुप्रीमो मायावती ने अंटू मिश्रा को पार्टी से निष्कासित करने की जानकारी 13 अगस्त को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी थी। वह बसपा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं। पार्टी की ओर से उनके खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। मायावती ने अपने बयान में पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं से चुनावी माहौल के बीच सतर्क रहने की अपील की थी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बसपा के मिशन को मजबूत करने के लिए जुटने को कहा था।






