
लखनऊ, 16 अगस्त 2026:
जियो टैगिंग की कथित अव्यावहारिक व्यवस्था के खिलाफ यूपी की राजधानी लखनऊ के व्यापारियों का गुस्सा रविवार को सड़क पर उतर आया। लखनऊ किराना कमेटी और लखनऊ गल्ला खाद्य व्यापार मंडल के संयुक्त आह्वान पर किराना बाजार, राजाबाजार और सुभाष मार्ग स्थित राम मंदिर के पास बाजार बंद कर व्यापारियों ने सांकेतिक धरना दिया। इस दौरान सरकार और मंडी परिषद के खिलाफ नारेबाजी करते हुए व्यापारियों ने जियो टैगिंग व्यवस्था तत्काल वापस लेने की मांग की।
धरने के दौरान लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कहा कि सरकार व्यापारियों की सहनशीलता की परीक्षा न ले। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार नए नियम लागू किए जा रहे हैं जिससे व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। जियो टैगिंग जैसी व्यवस्था अधिकारियों के हाथ में व्यापारियों के उत्पीड़न का नया माध्यम बन सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन को लखनऊ से पूरे प्रदेश तक ले जाया जाएगा।
अमरनाथ मिश्र ने कहा कि व्यापारी अब सिर्फ ज्ञापन देकर पीछे हटने वाला नहीं है। जरूरत पड़ी तो बाजारों को अनिश्चितकाल के लिए बंद किया जाएगा। चरणबद्ध आंदोलन के तहत कृषि भवन से लेकर विधानसभा तक घेराव किया जाएगा। मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसीपी चौक को सौंपते हुए व्यापारियों ने तत्काल ठोस निर्णय की मांग की।
लखनऊ गल्ला खाद्य व्यापार मंडल के अध्यक्ष एवं लखनऊ व्यापार मंडल के चेयरमैन राजेन्द्र कुमार अग्रवाल ने जियो टैगिंग की व्यावहारिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि थोक और परचून व्यापार में जारी हर गेट पास का गंतव्य तक पहुंचने के बाद जियो टैग के जरिए निस्तारण करना होगा। शहर में नो-एंट्री के कारण माल की लोडिंग और अनलोडिंग अक्सर देर रात या सुबह होती है। ऐसे में हर गेट पास का तत्काल जियो टैगिंग के जरिए निस्तारण करना मुश्किल है।
कृषि उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि एक ही वाहन में अलग-अलग जिंसों के लिए कई गेट पास जारी होते हैं। माल दूसरे वाहन में स्थानांतरित होने पर फिर जियो टैगिंग करनी पड़ेगी। ग्रामीण मंडियों में तकनीकी सुविधाओं की कमी और कई वाहन चालकों के पास आधुनिक मोबाइल न होने से समस्या और बढ़ सकती है।
किराना कमेटी के महामंत्री प्रशान्त गर्ग ने कहा कि प्री-अराइवल स्लिप, गेट पास और अन्य ऑनलाइन प्रक्रियाओं के बाद जियो टैगिंग अतिरिक्त बोझ है। व्यापारियों ने इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। धरने में अशोक कुमार अग्रवाल, रामशंकर अवस्थी, राजेन्द्र अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, गिरधर लाल गुप्ता, श्रवण मिश्रा, पीयूष, रामचन्द्र अग्रवाल, सीताराम अग्रवाल, योगेन्द्र अग्रवाल, कृष्ण जीवन रस्तोगी, अमित अग्रवाल, सौरभ अवस्थी, अतुल कुमार अग्रवाल, कृष्ण गोपाल अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, संजय अग्रवाल, सोमिल गुप्ता सहित सैकड़ों व्यापारी मौजूद रहे।






