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यूपी-जापान के मिलन पर तेजस्वान-दिव्यास्त्र ने खींचा ध्यान, प्रदर्शनी में दिखा स्वदेशी टेक्नोलॉजी का दम

इन्वेस्टमेंट मीट के दौरान इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में लगी प्रदर्शनी, सीएम योगी में देखा 12 घंटे की उड़ान भरने वाले तेजस्वान ड्रोन से 500 किमी तक रेंज वाले दिव्यास्त्र एमके-1 तक प्रदर्शन, एस्कॉर्ट्स कुबोटा यूपी में 2,000 करोड़ से ज्यादा लगाएगा, एमकेयू के सुरक्षा उत्पाद 90 देशों तक पहुंच रहे

लखनऊ, 21 अगस्त 2026:

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 के दौरान लगी प्रदर्शनी में डिफेंस, एयरोस्पेस, एग्रीकल्चर व कंस्ट्रक्शन सेक्टर की नई तकनीकों की झलक देखने को मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में प्रदर्शनी का दौरा किया। उन्होंने अलग-अलग स्टॉल पर पहुंचकर उत्पादों की तकनीक, क्षमता व इस्तेमाल की जानकारी ली। आईआईटी कानपुर से इनक्यूबेटेड स्टार्टअप मराल एयरोस्पेस का तेजस्वान ड्रोन खास आकर्षण रहा।

12 घंटे तक उड़ान भरने की क्षमता

मराल एयरोस्पेस के फाउंडर विवेक कुमार पांडेय ने बताया कि तेजस्वान एक स्वदेशी fixed-wing UAV है, जिसे लंबे समय तक उड़ान के लिए तैयार किया जा रहा है। कंपनी के मुताबिक यह करीब 12 घंटे लगातार उड़ान भर सकता है। इसे समुद्र तल से करीब 6,000 मीटर की ऊंचाई पर संचालन के लिए डिजाइन किया जा रहा है। ड्रोन करीब 5 किलो तक payload ले जा सकता है। इसकी प्रस्तावित एकतरफा रेंज 120 से 150 किलोमीटर है।

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निगरानी से आपदा प्रबंधन तक इस्तेमाल

तेजस्वान में सोलर सेल, हल्की composite structure, ज्यादा energy density वाली battery, autonomous flight system व safety के लिए redundant system जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। कंपनी के मुताबिक इसका इस्तेमाल intelligence, surveillance and reconnaissance, सीमा निगरानी, disaster management, communication relay व infrastructure inspection जैसे कामों में किया जा सकता है। रात में भी यह करीब चार घंटे तक उड़ान भरने में सक्षम होगा।

90 दिन तक हवा में रहने वाले HAPS पर काम

मराल एयरोस्पेस हाई-एल्टीट्यूड स्यूडो-सैटेलाइट यानी HAPS प्लेटफॉर्म पर भी काम कर रही है। कंपनी इसे करीब 90 दिनों तक लगातार संचालन के लिए तैयार कर रही है। ऊंचाई पर लंबे समय तक बने रहने वाले ऐसे प्लेटफॉर्म निगरानी, communication व रणनीतिक जरूरतों में इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
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यूपी में 2,000 करोड़ से ज्यादा का निवेश

प्रदर्शनी में एस्कॉर्ट्स कुबोटा के कृषि व कंस्ट्रक्शन उपकरण भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। कंपनी के एग्री सॉल्यूशन प्रोडक्ट मैनेजर आतसुया ओता ने बताया कि कंपनी ने उत्तर प्रदेश में करीब 154 एकड़ जमीन 90 साल की लीज पर ली है। यहां अगले सात वर्षों में tractor, construction equipment व parts centre विकसित करने की योजना है। इस प्रोजेक्ट में 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश की तैयारी है।

27 लाख का कंबाइन हार्वेस्टर

स्टॉल पर करीब 27 लाख रुपये का combine harvester, करीब 14 लाख रुपये का rice transplanter, करीब 6 लाख रुपये का compact tractor व करीब 7 लाख रुपये का diesel genset प्रदर्शित किया गया। कंपनी के मुताबिक देश में combine harvester की बिक्री में वह दूसरे स्थान पर है, जबकि rice transplanter की बिक्री में पहले स्थान पर है। कंपनी भारत में construction sector के लिए crane, backhoe loader व tractor जैसे उपकरण तैयार करती है। वहीं combine harvester व rice transplanter का आयात किया जाता है।
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500 किमी तक रेंज वाला दिव्यास्त्र

डिफेंस टेक्नोलॉजी सेक्टर में होवेरिट प्राइवेट लिमिटेड का दिव्यास्त्र एमके-1 भी चर्चा में रहा। कंपनी के फ्लाइट टेस्टिंग इंजीनियर लारिब ने बताया कि यह loitering munition यानी लक्ष्य तक पहुंचकर हमला करने वाला ड्रोन प्लेटफॉर्म है। इसकी प्रस्तावित रेंज 400 से 500 किलोमीटर है। यह करीब 800 से 1,000 मीटर की ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है।

थर्मल कैमरा से लैस है दिव्यास्त्र का प्लेटफॉर्म

दिव्यास्त्र एमके-1 की लगातार उड़ान क्षमता करीब पांच घंटे बताई गई है। इसमें thermal imaging camera लगाया गया है। यह IC engine से संचालित होता है। कंपनी के मुताबिक मई 2026 में भारतीय सेना ने इसका सफल परीक्षण किया था। यह करीब 20 किलो तक payload ले जा सकता है, जबकि payload के साथ इसका कुल वजन करीब 40 किलो है। इसकी रफ्तार करीब 250 से 350 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है। होवेरिट यूपी डिफेंस कॉरिडोर के तहत काम कर रही है। कंपनी के मुताबिक दिव्यास्त्र का एमके-3 वेरिएंट jet engine से संचालित होगा। इसका कानपुर में परीक्षण किया जा चुका है।
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कारगिल से बैलेस्टिक सुरक्षा तक एमकेयू

प्रदर्शनी में एमकेयू लिमिटेड ने सैनिकों व सुरक्षा बलों के लिए तैयार किए जा रहे आधुनिक उपकरण प्रदर्शित किए। इनमें ballistic helmet, ballistic jacket, night vision binocular व thermal weapon sight शामिल रहे। कंपनी के सीनियर सेल्स मैनेजर सोहम सेठ ने बताया कि कंपनी ने कारगिल युद्ध के दौरान जूतों की सप्लाई की थी। इसके बाद कंपनी ने बैलेस्टिक हेलमेट व जैकेट जैसे सुरक्षा उपकरणों के क्षेत्र में विस्तार किया।

90 देशों तक पहुंच रहे सुरक्षा उत्पाद

एमकेयू के मुताबिक उसके सुरक्षा उत्पाद करीब 90 देशों तक पहुंच रहे हैं। प्रदर्शनी में बैलेस्टिक सुरक्षा उपकरणों के साथ कम रोशनी व मुश्किल परिस्थितियों में निगरानी, लक्ष्य पहचान व night vision से जुड़ी तकनीक भी प्रदर्शित की गई।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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