
लखनऊ, 9 अगस्त 2026:
यूपी के स्कूलों में अब विज्ञान सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगा। बच्चों में वैज्ञानिक सोच, तर्क क्षमता, अनुसंधान और नवाचार की रुचि बढ़ाने के लिए प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसी कड़ी में कक्षा 6 से 11 तक के विद्यार्थियों की ‘विद्यार्थी विज्ञान मंथन’ (VVM) 2026-27 प्रतियोगिता में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञान भारती (विभा) की ओर से आयोजित विद्यार्थी विज्ञान मंथन देश की सबसे बड़ी डिजिटल विज्ञान प्रतिभा खोज प्रतियोगिताओं में शामिल है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ उन्हें भारत की प्राचीन वैज्ञानिक विरासत, आधुनिक उपलब्धियों और देश के वैज्ञानिकों के योगदान से परिचित कराना है।
30 सितंबर तक करा सकेंगे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
प्रदेश के बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों और विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक विद्यार्थियों का पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। प्रतियोगिता के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तारीख 30 सितंबर निर्धारित की गई है। प्रति विद्यार्थी 200 रुपये पंजीकरण शुल्क रखा गया है। प्रतियोगिता से जुड़ी नियमावली, दिशा-निर्देश और अध्ययन सामग्री वीवीएम पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी।
तीन स्तरों पर होगी प्रतिभाओं की पहचान
विद्यार्थी विज्ञान मंथन का आयोजन विद्यालय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तीन चरणों में होगा। प्रत्येक चरण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अगले स्तर की प्रतियोगिता में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। भारत के अलावा मध्य-पूर्व के छह देशों में भी आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों को अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा को बड़े मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर देगी।
आर्थिक बाधा नहीं बनेगी पंजीकरण में रोड़ा
सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया है कि आर्थिक कारणों से कोई प्रतिभाशाली बच्चा प्रतियोगिता से बाहर न रहे। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं की स्टाइपेंड राशि और माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति का उपयोग पंजीकरण शुल्क के भुगतान में किया जा सकता है।

NEP-2020 की भावना के अनुरूप पहल
यह अभियान राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुभवात्मक अधिगम, वैज्ञानिक चेतना, अनुसंधान और नवाचार पर जोर देने वाले उद्देश्यों को भी मजबूत करेगा। सरकार का लक्ष्य बच्चों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें सवाल पूछने, प्रयोग करने और नई चीजें खोजने के लिए प्रेरित करना है।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि ‘विद्यार्थी विज्ञान मंथन’ केवल प्रतियोगिता नहीं अपितु बच्चों को भारतीय वैज्ञानिक विरासत और अनुसंधान की संस्कृति से जोड़ने का सशक्त अभियान है। सरकार का प्रयास है कि उत्तर प्रदेश का हर प्रतिभाशाली विद्यार्थी इस मंच का लाभ उठाए और विज्ञान के क्षेत्र में नई पहचान बनाए।






