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SSP चैंबर से SOG तक ‘थर्ड डिग्री’ का आरोप, मेरठ में किसान नेताओं की पिटाई पर अखिलेश और चंद्रशेखर ने योगी सरकार को घेरा

एसएसपी दफ्तर में बुलाकर मारपीट और SOG पर थर्ड डिग्री देने के आरोप, मानवाधिकार आयोग पहुंचा मामला, विपक्ष ने CCTV सुरक्षित कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की

लखनऊ, 21 अगस्त 2026:

यूपी के मेरठ में दलित किसान नेताओं दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के साथ पुलिस हिरासत में मारपीट का मामला अब सियासी तूफान बनता जा रहा है। एसएसपी कार्यालय और थाने में पिटाई के आरोपों को लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। मामला मानवाधिकार आयोग तक भी पहुंच गया है।

अखिलेश यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इसे किसानों के अपमान से जोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान नेताओं को थाने में ‘थर्ड डिग्री’ देकर प्रताड़ित किया गया। अखिलेश ने कहा कि किसान का अपमान देश का अपमान है और मामले की गहरी जांच कर हर दोषी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई के साथ बर्खास्तगी की जानी चाहिए।
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उन्होंने भाजपा सरकार पर किसानों से जुड़े कई मुद्दों को लेकर भी निशाना साधा। अखिलेश ने एमएसपी, खाद की किल्लत, भूमि अधिग्रहण और किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि किसानों के हितों के नाम पर सत्ता अपने स्वार्थ साधने में लगी है।

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वहीं, चंद्रशेखर आजाद ने मेरठ की घटना को कानून-व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही पर गंभीर सवाल बताया। उनके मुताबिक पीड़ितों का आरोप है कि एसएसपी अविनाश पांडेय ने दोनों को अपने कार्यालय बुलाया, गालियां दीं और चैंबर बंद कर उनके साथ मारपीट की। इसके बाद SOG के हवाले किए जाने पर पैर बांधकर उल्टा लटकाने और फट्टों-लाठियों से पीटने का भी आरोप लगाया गया है।
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चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से तत्काल CCTV फुटेज सुरक्षित कराने, पीड़ितों का स्वतंत्र मेडिकल परीक्षण कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्दी कानून से बड़ी नहीं हो सकती और किसी अधिकारी को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। इस बीच पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर ने भी मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराकर मामले को और गंभीर बना दिया है। आरोपों की जांच और कार्रवाई को लेकर अब सरकार पर दबाव बढ़ रहा है।

गुरुवार तक मेरठ एसएसपी रहे अविनाश पांडेय इससे पहले भी विवादों में रहे हैं। उन पर दलित नेताओं के साथ थप्पड़बाजी और मारपीट के आरोप लगे थे जिसका वीडियो वायरल होने की बात भी सामने आई थी। ऐसे में मेरठ का ताजा मामला पुलिस की कार्यशैली और हिरासत में मानवाधिकारों को लेकर नए सवाल खड़े कर रहा है।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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