
बिजनेस डेस्क, 24 अगस्त 2026:
भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत बढ़त के साथ की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 207.73 अंक चढ़कर 77,748.56 के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी 50 भी 50.66 अंक की बढ़त के साथ 24,302.65 पर कारोबार करता दिखा।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर
बाजार में तेजी की बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी रही। अमेरिका की ओर से ईरान पर नए प्रतिबंधों की घोषणा से पहले तेल की कीमतों में गिरावट आई, जिससे भारतीय बाजार को राहत मिली। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है, इसलिए तेल सस्ता होने से कंपनियों की लागत पर दबाव कम होने की उम्मीद रहती है।
Infosys और HDFC Bank में खरीदारी
शुरुआती कारोबार में Infosys और HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। इन प्रमुख कंपनियों के शेयरों में तेजी का असर बाजार के प्रमुख इंडेक्स पर भी पड़ा। निवेशकों की नजर अब दिनभर के कारोबार में इन शेयरों की चाल पर रहेगी।
24,284 का स्तर रहेगा अहम
बाजार की आगे की दिशा में निफ्टी का 24,284 का स्तर अहम माना जा रहा है। यह 21 अगस्त 2026 को दर्ज हुआ उच्च स्तर है। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक निफ्टी इस स्तर के ऊपर टिकता है तो इसे मजबूती की वापसी के संकेत के तौर पर देखा जा सकता है।
पश्चिम एशिया का तनाव बना चुनौती
तेजी के बावजूद ग्लोबल मार्केट के सामने कई जोखिम बने हुए हैं। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, बढ़ते बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में संभावित उतार-चढ़ाव निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं। अमेरिका के Treasury Bond Yield पर दबाव कम करने की हालिया कोशिशों का भी बाजार पर स्थायी असर नहीं दिखा है।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में सोमवार को कारोबार मिला-जुला रहा। जापान का Nikkei 225 वायदा 0.2 फीसदी नीचे रहा, जबकि Topix में 0.3 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 भी 0.6 फीसदी चढ़ा। दूसरी तरफ Hong Kong का Hang Seng करीब 2 फीसदी गिरा, जबकि Shanghai Composite में 0.8 फीसदी की कमजोरी रही। यूरो स्टॉक्स 50 वायदा में खास बदलाव नहीं दिखा।
अमेरिकी बाजार पर भी नजर
निवेशक अमेरिकी बाजार के संकेतों पर भी नजर रख रहे हैं। टोक्यो समयानुसार दोपहर 12 बजे तक S&P 500 Futures में मामूली बदलाव था। ग्लोबल बॉन्ड यील्ड, तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया से जुड़े घटनाक्रम आगे बाजार की चाल को प्रभावित कर सकते हैं।






