
बिजनेस डेस्क, 1 जुलाई 2026:
जुलाई के पहले कारोबारी दिन भारतीय Stock Market की शुरुआत मामूली बढ़त के साथ हुई। Sensex 66 अंकों की तेजी लेकर 76,545 पर खुला, जबकि Nifty 50 31 अंक चढ़कर 23,897 के स्तर पर कारोबार शुरू करने में सफल रहा।
शुरुआती कारोबार में बाजार सपाट नजर आया और निवेशकों की निगाहें ग्लोबल संकेतों पर टिकी रहीं। बाजार खुलने से पहले मिले अंतरराष्ट्रीय संकेत भी मिले-जुले रहे। जापान का निक्केई करीब 1.79 प्रतिशत मजबूत हुआ, टॉपिक्स में भी बढ़त दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी हरे निशान में रहा, जबकि कोस्डैक में हल्की गिरावट देखने को मिली। ऑस्ट्रेलियाई बाजार लगभग सपाट रहे। वहीं, हांगकांग के हैंगसेंग फ्यूचर्स ने मजबूत शुरुआत के संकेत दिए।
मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार दबाव में बंद हुआ था। Sensex 249 अंक टूटकर 76,478 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 80 अंक फिसलकर 23,865 पर आ गया था। ऐसे में नए महीने के पहले दिन निवेशकों की नजर बाजार की दिशा पर बनी हुई है।Gift Nifty भी सपाट शुरुआत का संकेत देता दिखा। शुरुआती कारोबार में यह 23,994 के आसपास कारोबार करता नजर आया, जिससे घरेलू बाजार में सीमित उतार-चढ़ाव की उम्मीद जताई गई।
अमेरिकी शेयर बाजार ने जून का कारोबार मजबूती के साथ खत्म किया। डॉऊ जोन्स लगातार दूसरे सत्र में रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 और नैस्डैक में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई, जिसका असर एशियाई बाजारों के माहौल पर भी देखने को मिला।
कमोडिटी बाजार में सोना 4,000 डॉलर प्रति औंस के ऊपर कारोबार करता रहा, जबकि चांदी में भी तेजी दर्ज की गई। दूसरी ओर, अमेरिका-ईरान के बीच जारी कूटनीतिक अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की कीमतों में शुरुआती कारोबार के दौरान बढ़त देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड 73 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड भी मजबूत रहा।
विदेशी मुद्रा बाजार में जापानी येन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 40 साल के सबसे कमजोर स्तर पर पहुंच गया। इससे वैश्विक निवेशकों की नजर मुद्रा बाजार की गतिविधियों पर भी बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि दिनभर के कारोबार में ग्लोबल संकेत, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, कच्चे तेल की कीमतें, डॉलर इंडेक्स और प्रमुख सेक्टरों की चाल भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय कर सकती है।






