
बिजनेस डेस्क, 9 जुलाई 2026:
पिछले कारोबारी सत्र की बड़ी गिरावट के बाद गुरुवार सुबह भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत वापसी की। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की खरीदारी लौटने से दोनों प्रमुख सूचकांक हरे निशान में कारोबार करते दिखे। Sensex करीब 500 अंक चढ़ गया, जबकि Nifty एक बार फिर 24,000 के अहम स्तर के ऊपर पहुंच गया। हालांकि बाजार में रिकवरी के बावजूद तकनीकी जानकार अभी भी पूरी तरह राहत के मूड में नहीं हैं और निवेशकों को सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दे रहे हैं।
सुबह करीब 9:35 बजे BSE का Sensex 492.38 अंकों की बढ़त के साथ 76,995.98 पर कारोबार कर रहा था। वहीं NSE का Nifty 138.11 अंक मजबूत होकर 24,020.15 के स्तर पर पहुंच गया। बुधवार को आई भारी गिरावट के बाद यह तेजी निवेशकों के लिए राहत लेकर आई।
बाजार से साफ हो गई थी निवेशकों की बड़ी पूंजी
बुधवार की बिकवाली के बाद बदला बाजार का मूड
एक दिन पहले वैश्विक संकेतों और कमजोर निवेशक धारणा के चलते बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली थी। इससे निवेशकों की बड़ी पूंजी बाजार से साफ हो गई थी। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में खरीदारी लौटने से बाजार का माहौल पहले के मुकाबले बेहतर दिखाई दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल यह देखना होगा कि यह तेजी केवल शुरुआती रिकवरी है या आने वाले सत्रों में भी बाजार इसी मजबूती को बनाए रख पाता है।
इन सेक्टरों ने संभाला बाजार
गुरुवार की तेजी में सबसे ज्यादा योगदान Consumer Durables और Pharma सेक्टर के शेयरों का रहा। इन दोनों सेक्टरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को मजबूत सहारा मिला। डिफेंसिव सेक्टरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने से बाजार का सेंटीमेंट भी बेहतर हुआ। विश्लेषकों का मानना है कि अनिश्चित माहौल में निवेशक फिलहाल ऐसे सेक्टरों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिन्हें अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है। भले ही गुरुवार को बाजार में अच्छी रिकवरी दिखी हो, लेकिन चार्ट पर तस्वीर अभी पूरी तरह सकारात्मक नहीं मानी जा रही है।
जारी रह सकता है उतार-चढ़ाव
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक बुधवार की गिरावट के दौरान Nifty अपने अहम सपोर्ट जोन 24,000 से 24,150 के नीचे फिसल गया था। इसके साथ ही सूचकांक कई प्रमुख Moving Average के नीचे भी पहुंच गया। ऐसे में तकनीकी संकेत अभी भी बताते हैं कि बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर Nifty लगातार 24,000 के ऊपर टिकने में सफल रहता है तो निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है। वहीं इस स्तर के नीचे दोबारा फिसलने पर दबाव फिर बढ़ सकता है।
रुपये पर बना कच्चे तेल का दबाव
शेयर बाजार में तेजी के बीच विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया दबाव में रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में Crude Oil की कीमतों में तेजी का असर भारतीय मुद्रा पर भी दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 4 पैसे कमजोर होकर 95.52 पर पहुंच गया। जानकारों के मुताबिक कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत जैसे आयातक देशों के लिए चिंता बढ़ा सकती हैं, जिसका असर रुपये और बाजार दोनों पर पड़ सकता है।
दुनिया के बाजारों से मिले-जुले संकेत
ग्लोबल मार्केट्स का रुख गुरुवार को मिला-जुला रहा। जापान के Nikkei 225 Futures में करीब 1.5 फीसदी की तेजी दर्ज की गई, जबकि Topix Index भी बढ़त में रहा। यूरोप के Euro Stoxx 50 Futures में भी मजबूती देखने को मिली। दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200, हांगकांग का Hang Seng और चीन का Shanghai Composite कमजोरी के साथ कारोबार करते नजर आए। वहीं अमेरिकी S&P 500 Futures में ज्यादा बदलाव नहीं दिखा।
इन बातों पर रहेगी निवेशकों की नजर
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे। फिलहाल गुरुवार की रिकवरी ने निवेशकों को राहत जरूर दी है, लेकिन बाजार में स्थायी मजबूती के लिए अगले कुछ कारोबारी सत्र काफी अहम माने जा रहे हैं।






