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शेयर बाजार में लगातार पांचवें दिन दबाव, सेंसेक्स 400 अंक लुढ़का, निवेशकों की बढ़ी बेचैनी

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर घरेलू बाजार पर भी दिखा, शुरुआती कारोबार में अधिकांश दिग्गज शेयर लाल निशान में रहे, जबकि आईटी सेक्टर ने गिरावट के बीच कुछ राहत दी

बिजनेस डेस्क, 2 जून 2026:

घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। कारोबार की शुरुआत से ही बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिससे बीएसई सेंसेक्स 400 अंक तक टूट गया, जबकि निफ्टी 23,250 के स्तर से नीचे फिसल गया। विदेशी संकेतों और पश्चिम एशिया में बढ़ती राजनीतिक हलचल ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया।

सुबह करीब 9.22 बजे सेंसेक्स 318.82 अंक की गिरावट के साथ 73,948.52 अंक पर कारोबार करता दिखा। वहीं निफ्टी 107.10 अंक टूटकर 23,275.50 अंक पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 74,267.34 अंक पर बंद हुआ था। रुपया भी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 95.06 पर खुला, जबकि पिछले सत्र में यह 94.99 पर बंद हुआ था।

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 26 के शेयर शुरुआती कारोबार में नुकसान में रहे। बजाज फाइनेंस में सबसे ज्यादा करीब 2.8 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। इसके अलावा बजाज फिनसर्व, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, ट्रेंट, पावरग्रिड, मारुति, एनटीपीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट और भारती एयरटेल के शेयरों पर भी दबाव रहा।

हालांकि आईटी सेक्टर ने कुछ मजबूती दिखाई। इन्फोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक के शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी आईटी करीब 2 फीसदी चढ़ा, जबकि मेटल शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। दूसरी तरफ फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में कमजोरी बनी रही।

व्यापक बाजार की बात करें तो निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में करीब 1 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे साफ है कि बिकवाली केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक गिरावट की बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव है। ईरान ने संकेत दिए हैं कि यदि इजरायल और लेबनान के बीच हालात नहीं सुधरे तो वह अमेरिका के साथ चल रही बातचीत रोक सकता है। साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है। इन घटनाक्रमों ने वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ा दी है।

इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान ने भी निवेशकों की चिंताओं को कम नहीं किया। दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में मामूली नरमी देखने को मिली और यह करीब 0.44 फीसदी गिरावट के साथ 94.56 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा।

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