
प्रमोद कुमार
मलिहाबाद (लखनऊ), 25 अगस्त 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के काकोरी कस्बा स्थित शीतला माता मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सोशल मीडिया से होते हुए राजनीतिक बहस का रूप लेने लगा है। मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए गत दिनों हुए भूमि पूजन कार्यक्रम में भाजपा की स्थानीय दलित विधायक जय देवी कौशल के साथ कथित जातिगत भेदभाव को लेकर तरह-तरह की पोस्ट वायरल हो रही हैं। इन चर्चाओं के बीच विधायक जय देवी कौशल ने अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट कर पूरे मामले को लेकर स्थिति स्पष्ट की है।
विधायक ने कहा कि शीतला मंदिर के जीर्णोद्धार और विकास के लिए धनराशि पर्यटन विभाग के माध्यम से स्वीकृत कराई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के जीर्णोद्धार जैसे कार्यों के लिए पर्यटन विभाग से बजट स्वीकृत होता है। इसमें विधायक निधि का इस्तेमाल आवश्यक नहीं होता। ऐसे में इस विकास कार्य को विधायक निधि से जोड़कर श्रेय लेने की बात करना उचित नहीं है।
जय देवी कौशल ने धनराशि स्वीकृत कराने और मंदिर के विकास का रास्ता साफ करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह का आभार जताया। उन्होंने कहा कि काकोरी की ऐतिहासिक विरासत का संरक्षण किसी एक व्यक्ति या दल का नहीं अपितु सभी की साझा जिम्मेदारी है।

विधायक ने यह भी जोर दिया कि विकास के कार्यों में राजनीति नहीं होनी चाहिए और किसी भी विवाद में सच्चाई व तथ्य सामने आने जरूरी हैं। उनके इस बयान के बाद शीतला मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर चल रही चर्चाओं को नई दिशा मिली है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि मंदिर के विकास कार्य किस गति से आगे बढ़ते हैं। सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों का विवाद आगे क्या रूप लेता है।






