
लखनऊ, 17 अगस्त 2026:
लखनऊ के दलित Rapido कैब ड्राइवर अंकित कुमार का वायरल वीडियो अब सियासी बहस का केंद्र बन गया है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राष्ट्रीय मुख्य समन्वयक एवं मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने इस मामले को लेकर Rapido की कार्यशैली पर तीखा सवाल उठाया है। साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत से भी दलितों की स्थिति और आरक्षण को लेकर जवाब मांगा है।
आकाश आनंद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लंबी पोस्ट में कहा कि अंकित कुमार ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की लेकिन योग्यता के अनुरूप रोजगार नहीं मिलने के कारण वह Rapido कैब चलाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। उनके मुताबिक चार रेलवे कर्मचारी उनकी कैब में बैठे और अपने ही एक दलित वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ जातिसूचक टिप्पणियां करने लगे। अंकित ने इसका विरोध किया और कथित तौर पर उन्हें कैब से उतार दिया।

आकाश आनंद ने सवाल उठाया कि अगर किसी व्यक्ति की काबिलियत पर सवाल है तो उसका नाम लेकर बात की जानी चाहिए, पूरी जाति को बदनाम क्यों किया जाए? उन्होंने दावा किया कि इसके बाद Rapido ने अंकित का अकाउंट 99 साल 11 महीने के लिए निलंबित कर दिया। आकाश ने इसे उस सामाजिक मानसिकता से जोड़ते हुए कंपनी की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए, जिसके खिलाफ लंबे समय से संघर्ष चल रहा है।
बसपा नेता ने आरक्षण को लेकर भी मोहन भागवत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आरक्षण खत्म करने पर अपनी राय रखने वाले RSS प्रमुख को अंकित जैसे करोड़ों दलितों के सवालों का जवाब देना चाहिए। उनका तर्क है कि आजादी के करीब आठ दशक बाद भी जातिवादी मानसिकता समाज में मौजूद है और इसे खत्म करने के लिए आरक्षण जरूरी है।
उन्होंने कहा कि आरक्षण केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम नहीं अपितु सामाजिक परिवर्तन का जरिया है। पोस्ट के अंत में आकाश आनंद ने मायावती के संदेश का हवाला देते हुए संविधान और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सम्मान तथा आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति से बचने की बात कही।






