
लखनऊ, 25 अगस्त 2026:
आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने यूपी की बेसिक शिक्षा व्यवस्था को लेकर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। मंगलवार को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकारी स्कूलों की बदहाली छिपाने के लिए कागजों में व्यवस्थाएं दुरुस्त दिखाई जा रही हैं जबकि जमीन पर तस्वीर इसके उलट है। संजय सिंह ने सरकार की कार्यशैली पर तंज कसते हुए कहा कि यह ‘जबरा मारे, रोवे न दे’ वाली नीति है।
आप नेता ने स्कूलों के कथित अवैध मर्जर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब आम आदमी पार्टी ने इसका विरोध किया था तब विधानसभा में सरकार की ओर से कहा गया था कि कोई स्कूल बंद या मर्ज नहीं होगा। वहीं, 15 अगस्त से शुरू किए गए ‘स्कूल ठीक करो अभियान’ के दौरान जब जर्जर स्कूलों की तस्वीरें सामने आईं तो प्रशासन ने कई स्कूलों के पहले ही मर्ज हो जाने की बात कही। उनका दावा था कि यू-डायस पोर्टल पर अब भी इन स्कूलों को पुराने पते पर संचालित दिखाया जा रहा है। उन्होंने इसे सरकारी रिकॉर्ड और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा विरोधाभास बताया।
604 करोड़ की घोषणा को बताया अभियान की जीत
आप सांसद ने कहा कि पार्टी के अभियान के दबाव में सरकार ने बेसिक स्कूलों के कायाकल्प के लिए 604 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की है। हालांकि उन्होंने कहा कि सिर्फ घोषणा से स्कूलों की हालत नहीं बदलेगी। संजय सिंह ने केंद्र के समग्र शिक्षा अभियान के तहत मिले धन के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक बड़ी धनराशि खर्च नहीं हो सकी और वापस चली गई जबकि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में जर्जर कक्षाएं, बिजली-पंखे, बाउंड्री और मिड-डे मील जैसी बुनियादी समस्याएं बनी हुई हैं।
प्रदेश कार्यालय लखनऊ से सांसद @SanjayAzadSln जी की महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता 👇 pic.twitter.com/saR317BBF5
— Aam Aadmi Party- Uttar Pradesh (@AAPUttarPradesh) August 25, 2026
उन्होंने कहा कि स्कूलों की बदहाली, मिड-डे मील में कथित गड़बड़ी और शिक्षा फंड के इस्तेमाल के मामले में संसद की याचिका समिति से जांच की मांग की गई है। इसके साथ ही उन अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग भी उठाई गई है जिन पर सच्चाई सामने लाने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आरोप लगाया गया है।
एक महीने का दिया अल्टीमेटम
संजय सिंह ने ऐलान किया कि अगले एक महीने तक आप कार्यकर्ता हर जिले में जर्जर स्कूलों, खराब टॉयलेट, टूटी बाउंड्री और मिड-डे मील से जुड़ी समस्याओं की लिखित शिकायत बीएसए, शिक्षा निदेशक और मुख्यमंत्री कार्यालय को देंगे। उन्होंने कहा कि यदि एक महीने में सुधार कार्य शुरू नहीं हुए तो पार्टी दोबारा जमीनी अभियान चलाकर सरकार की कथित लापरवाही को जनता के सामने उजागर करेगी।
महंगाई और रोजगार के मुद्दे पर भी निशाना
संजय सिंह ने जौनपुर के लेखपाल अशोक यादव के निलंबन का मुद्दा उठाते हुए इसे महंगाई पर आवाज उठाने की सजा बताया और कहा कि आम आदमी पार्टी उनके साथ खड़ी है। उन्होंने दावा किया कि बेसिक शिक्षा विभाग में दो लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली हैं और सरकार चुनाव से पहले एक लाख नौकरियों का दावा कर रही है।
69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा। संजय सिंह ने कहा कि आरक्षण संविधान प्रदत्त अधिकार हैः इसके साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों के सामाजिक न्याय की लड़ाई आम आदमी पार्टी सड़क से संसद तक जारी रखेगी।






