
लखनऊ, 26 अगस्त 2026:
पूर्वांचल में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सुल्तानपुर में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (आईएमएलसी) विकसित करने की परियोजना को मंजूरी दे दी गई। करीब 272.25 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाला यह क्लस्टर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के करीब बनाया जाएगा।
कैबिनेट ने अवस्थापना विकास से जुड़े निर्माण कार्यों के लिए 27225.33 लाख रुपये की परियोजना लागत अनुमोदित की है। परियोजना का संभावित व्यय-भार राज्य सरकार वहन करेगी। खास बात यह है कि इसके लिए केंद्र सरकार से किसी तरह की वित्तीय भागीदारी अपेक्षित या प्रस्तावित नहीं है।
ग्लोबल बिड से तय होगी निर्माण एजेंसी
कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब परियोजना के निर्माण के लिए एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए ग्लोबल बिड आमंत्रित की जाएगी। प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के जरिए निर्माण एजेंसी का चयन होने के बाद क्लस्टर के विकास कार्य शुरू कराए जाएंगे। सरकार का प्रयास परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का है।

एक्सप्रेसवे के किनारे उद्योगों को मिलेगा फायदा
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के नजदीक आईएमएलसी विकसित होने से यहां स्थापित होने वाले उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का लाभ मिलेगा। विनिर्माण इकाइयों, लॉजिस्टिक्स और इससे जुड़ी गतिविधियों के विस्तार से सुल्तानपुर में निवेश का माहौल मजबूत होने की उम्मीद है। इससे पूर्वांचल में औद्योगिक गतिविधियों का नया केंद्र विकसित करने में भी मदद मिल सकती है।
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार की उम्मीद
क्लस्टर के निर्माण के साथ-साथ यहां भविष्य में उद्योगों की स्थापना होने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के नए विकल्प मिलने की संभावना है। उद्योगों के साथ परिवहन, लॉजिस्टिक्स, सेवा और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी रोजगार का दायरा बढ़ सकता है।
सरकार के इस फैसले से सुल्तानपुर के औद्योगिक आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी के साथ विकसित होने वाला यह क्लस्टर आने वाले समय में क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने में अहम भूमिका निभा सकता है।






