मैनपुरी के ‘बर्ड पैराडाइज’ को मिलेगा नया रंग-रूप, पर्यटन सुविधाओं के लिए 6 हेक्टेयर जमीन मंजूर
कैबिनेट ने ग्राम सभा की जमीन पर्यटन विभाग को निशुल्क देने के प्रस्ताव पर लगाई मुहर, ईको टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा, देश-विदेश के पक्षी प्रेमियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

लखनऊ, 26 अगस्त 2026:
यूपी के मैनपुरी जनपद के मशहूर समान पक्षी विहार में अब पर्यटकों को प्रवासी पक्षियों का दीदार के साथ ही बेहतर पर्यटन सुविधाओं का भी अनुभव मिलेगा। प्रदेश सरकार ने इस प्रमुख वेटलैंड को पर्यटन के नक्शे पर और आकर्षक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने पक्षी विहार के समीप ग्राम सभा की छह हेक्टेयर भूमि पर्यटन विभाग को निशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। जमीन मिलने के बाद यहां पर्यटकों की जरूरतों के मुताबिक अवस्थापना सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
मैनपुरी का समान पक्षी विहार करीब 5.25 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। वर्ष 2019 में इसे रामसर साइट का दर्जा मिला था। सारस क्रेन समेत स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की कई प्रजातियां यहां की पहचान हैं। सर्दियों में दूर-दराज के देशों से आने वाले मेहमान पक्षियों के चलते पूरा क्षेत्र पक्षी प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों से गुलजार हो उठता है। अब नई सुविधाओं के विकास से इस प्राकृतिक आकर्षण को पर्यटन की दृष्टि से और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

मैनपुरी की पर्यटन पहचान को मिलेगी नई उड़ान
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के साथ प्राकृतिक एवं ईको टूरिज्म की संभावनाओं को भी तेजी से विकसित किया जा रहा है। समान पक्षी विहार में पर्यटक सुविधाएं बढ़ने से देश-विदेश के पक्षी प्रेमियों को बेहतर अनुभव मिलेगा। इससे मैनपुरी की पर्यटन पहचान मजबूत होने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
छह हेक्टेयर ऊसर भूमि पर बनेगा पर्यटन का आधार
कैबिनेट के फैसले के तहत किशनी तहसील के ग्राम समान स्थित गाटा संख्या-2447ज्ञ/50.72 एकड़ (22.548 हेक्टेयर) भूमि में से छह हेक्टेयर ऊसर भूमि पर्यटन विभाग को दी जाएगी। ग्राम भूमि प्रबंधक समिति पहले ही जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव पारित कर चुकी है। खास बात यह है कि भूमि का हस्तांतरण निशुल्क होगा, इसलिए सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
कई पक्षी विहारों को पर्यटन से जोड़ने की तैयारी
पर्यटन विभाग का मानना है कि सुविधाओं के विस्तार से समान पक्षी विहार में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और इसका सीधा लाभ आसपास के पर्यटन कारोबार को मिलेगा। प्रदेश में समान के अलावा चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार, सांडी, बखीरा, विजय सागर, समसपुर, सूर सरोवर और पटना समेत कई पक्षी विहारों को भी पर्यटन से जोड़कर विकसित किया जा रहा है। ऐसे में समान पक्षी विहार को मिली छह हेक्टेयर जमीन प्रदेश में ईको टूरिज्म को नई रफ्तार देने की दिशा में अहम कड़ी मानी जा रही है।






