लखनऊ, 2 जून 2026:
आईएएस और पीसीएस जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अब आर्थिक तंगी की वजह से अधूरी नहीं रहेगी। समाज कल्याण विभाग की निशुल्क कोचिंग योजना को लेकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में लगातार बढ़ रही भागीदारी बता रही है कि बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इस योजना के जरिए प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना साकार करना चाहते हैं।
सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी के लिए निजी संस्थानों में लाखों रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों के सामने तैयारी जारी रखना बड़ी चुनौती बन जाता है। इसी मुश्किल को कम करने के लिए प्रदेश सरकार निशुल्क कोचिंग की सुविधा उपलब्ध करा रही है, जिससे प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर मार्गदर्शन मिल सके।
समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह के मुताबिक प्रदेश में आईएएस और पीसीएस कोचिंग के लिए कुल 865 सीटें तय की गई हैं। इनमें 25 फीसदी सीटें लेटरल एंट्री के तहत उन अभ्यर्थियों के लिए रखी गई हैं, जिन्होंने प्रारंभिक परीक्षा पास कर ली है और मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।
योजना को लेकर युवाओं का रुझान लगातार बढ़ रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 1 जून तक 5513 अभ्यर्थी पंजीकरण करा चुके हैं। इनमें 2848 अभ्यर्थियों ने आवेदन प्रक्रिया पूरी कर फाइनल लॉक भी कर दिया है। इच्छुक उम्मीदवार 18 जून तक आवेदन कर सकते हैं। चयन के लिए 5 जुलाई को परीक्षा आयोजित की जाएगी।
समाज कल्याण विभाग चयन प्रक्रिया और कोचिंग संचालन की तैयारियों में जुटा है। योजना के तहत अभ्यर्थियों को निशुल्क कोचिंग, अध्ययन सामग्री और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि आर्थिक अभाव किसी प्रतिभाशाली छात्र की राह में बाधा न बने।






