
देहरादून, 26 अगस्त 2026:
उत्तराखंड के हर जिले में होने वाले खास पर्व, मेले व स्थानीय उत्पादों को देश-दुनिया में पहचान दिलाने की तैयारी है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में जिलाधिकारियों के साथ One District One Festival व स्थानीय उत्पादों के Export Promotion को लेकर बैठक की। उन्होंने सभी जिलों को स्थानीय संस्कृति, परंपराओं, उत्पादों व खास आयोजनों को आगे बढ़ाने के लिए अलग Action Plan तैयार करने के निर्देश दिए।
एक जिले का एक खास Festival
मुख्य सचिव ने कहा कि हर जिला अपने किसी एक प्रमुख पर्व या मेले को One District One Festival के तौर पर विकसित करे। इसके लिए सालाना Event Calendar तैयार किया जाए। आयोजन में स्थानीय कारोबारियों, कारीगरों, संस्थाओं व दूसरे Stakeholders की भागीदारी तय करने पर जोर दिया गया।
प्रवासी उत्तराखंडियों को भी जोड़ने की तैयारी
मेलों व उत्सवों को हर साल होने वाले सामान्य कार्यक्रमों तक सीमित न रखते हुए उनकी स्थायी पहचान बनाने की तैयारी है। इसके लिए आयोजनों को Institutionalize करने के निर्देश दिए गए। प्रवासी उत्तराखंडियों व Non-Resident Uttarakhandis को भी इन कार्यक्रमों से जोड़ने पर जोर दिया गया, जिससे स्थानीय उत्पादों व सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाया जा सके।

रम्माण से बटर फेस्टिवल तक
चमोली के रम्माण Festival को बड़े स्तर पर आयोजित करने की बात कही गई। उत्तरकाशी के बटर फेस्टिवल जैसे Unique Events को भी व्यापक पहचान दिलाने पर जोर दिया गया। पौड़ी व चमोली के शरदोत्सव, हरिद्वार महोत्सव, नैनीताल विंटर कार्निवल व मसूरी विंटर कार्निवल को ज्यादा आकर्षक व व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
एंगलिंग मीट को इंटरनेशनल पहचान
चम्पावत के International Angling Meet को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की योजना पर भी जोर दिया गया। उत्तरायणी मेले में Adventure Activities बढ़ाने के निर्देश दिए गए, जिससे ऐसे आयोजनों को पर्यटन से जोड़कर उनकी पहुंच बढ़ाई जा सके।
हर जिले का तैयार होगा Export Data
बैठक में जिलावार निर्यात की संभावनाओं की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने हर जिले का Baseline Data तैयार करने को कहा। इसी Data के आधार पर स्थानीय उत्पादों के Export Promotion की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
स्थायी समिति करेगी Export Promotion की निगरानी
निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख सचिव नियोजन की अध्यक्षता में एक स्थायी समिति गठित करने के निर्देश दिए गए। समिति में सचिव उद्योग, सचिव वन, सचिव आयुष सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों को शामिल किया जाएगा।
Product की Quality से Branding तक फोकस
मुख्य सचिव ने स्थानीय उत्पादों की पहचान कर उनकी Processing, Packaging, Quality, Branding व Marketing पर काम करने को कहा। GI Tag हासिल उत्पादों की संभावनाओं का ज्यादा इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया। हर जिले के प्रमुख उत्पाद की अपनी USP विकसित करने की दिशा में भी काम करने के निर्देश दिए गए।
एक जिले की अच्छी पहल दूसरे में भी लागू होगी
जिलाधिकारियों से अलग-अलग जिलों में किए जा रहे सफल प्रयोगों व अनुभवों को साझा करने को कहा गया। इससे किसी जिले में कामयाब पहल को दूसरे जिले में भी लागू किया जा सकेगा। स्थानीय उत्पादों व पारंपरिक आयोजनों को स्थानीय बाजार से बाहर निकालकर National व International Market तक पहुंचाने के लिए विभागों के बीच बेहतर Coordination पर जोर दिया गया।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, श्रीधर बाबू अद्दांकी, युगल किशोर पंत, डॉ. अहमद इकबाल, राजेंद्र कुमार, अपर सचिव अभिषेक रोहिला सहित सभी जिलों के जिलाधिकारी मौजूद रहे।






