
लखनऊ, 26 अगस्त 2026:
यूपी में बड़े औद्योगिक निवेश को जमीन पर उतारने की दिशा में प्रदेश सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत आठ मेगा श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट (एलओसी) जारी किए जाने की संस्तुति को मंजूरी दे दी गई। इन परियोजनाओं के जरिए प्रदेश में कुल 2,901.97 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब इन निवेश परियोजनाओं को नीति के तहत निर्धारित प्रोत्साहनों का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है। पात्रता के अनुसार निवेशकों को नेट एसजीएसटी और पूंजीगत सब्सिडी जैसे प्रोत्साहन दिए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे बड़े निवेशकों को प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए अनुकूल और प्रतिस्पर्धी कारोबारी माहौल मिलेगा।
सात जिलों में आएगा करीब 2,902 करोड़ का निवेश
मंजूरी पाने वाली परियोजनाओं में सूर्या ग्लोबल सुपर फ्लैक्सीफिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड गौतमबुद्ध नगर में 605.37 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। वृन्दावन बॉटलर्स प्राइवेट लिमिटेड बाराबंकी में 436.12 करोड़ रुपये, जबकि सीआरडी फूड्स एंड बेवरेजेज लिमिटेड मथुरा में 363.94 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित कर रही है।
इसी क्रम में माउंट एवरेस्ट ब्रुअरीज लिमिटेड उन्नाव में 363.52 करोड़, पसवारा पेपर्स लिमिटेड हाथरस में 315 करोड़, शाल्विस स्पेशियलिटीज लिमिटेड हमीरपुर में 297.30 करोड़ और जुआरी (Zuari) एनविएन बायोएनर्जी प्राइवेट बायोएनर्जी लिमिटेड लखीमपुर खीरी में 294.72 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। साउंड कास्टिंग्स प्राइवेट लिमिटेड हाथरस में 225 करोड़ रुपये की परियोजना लगाएगी।
निवेश के साथ रोजगार की उम्मीद
इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से विनिर्माण और अन्य औद्योगिक गतिविधियों को विस्तार मिलने की उम्मीद है। नई इकाइयों की स्थापना और संचालन से प्रत्यक्ष के साथ-साथ अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इससे संबंधित जिलों में स्थानीय कारोबार, आपूर्ति श्रृंखला और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।
इन प्रस्तावों पर गत 4 मई को हुई उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति (एचएलईसी) की बैठक में विचार किया गया था। समिति की संस्तुति के बाद अब कैबिनेट ने एलओसी जारी करने को मंजूरी दी है। सरकार के इस फैसले से गौतमबुद्ध नगर, हमीरपुर, हाथरस, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, मथुरा और उन्नाव में औद्योगिक निवेश का नया दौर तेज होने की उम्मीद है।





