
सीतापुर, 27 अगस्त 2026:
यूपी के सीतापुर जिले में पैन कार्ड बनवाने के नाम पर ग्रामीणों का आधार कार्ड व बायोमेट्रिक लेने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। आरोप है कि गिरोह के लोग गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों को पैन कार्ड बनवाने का झांसा देते थे। इसके बाद आधार नंबर की जानकारी लेकर मशीन पर अंगूठा लगवाते थे। पुलिस के मुताबिक, इसी जानकारी का इस्तेमाल उनकी जानकारी के बिना सिम कार्ड व बैंक खाते खुलवाने में किया जा रहा था।
शक हुआ तो ग्रामीणों ने संदिग्धों को पकड़ लिया
मामला मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र के खुर्शीदाबाद गांव का है। 26 अगस्त को कुछ लोग गांव में पैन कार्ड बनवाने के लिए ग्रामीणों से आधार कार्ड लेने लगे। साथ में बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठे के निशान भी लिए जा रहे थे। ग्रामीणों को गतिविधि संदिग्ध लगी तो उन्होंने इन लोगों को पकड़ लिया। बाद में उन्हें मिश्रिख पुलिस के हवाले कर दिया गया।
सिम लेने पहुंचा ग्रामीण तो सामने आया खेल
पुलिस व साइबर टीम ने पूछताछ शुरू की तो मामले की परतें खुलने लगीं। एएसपी दक्षिणी दुर्गेश सिंह के मुताबिक, जांच में पता चला कि हरदोई जिले के पांच लोग गांव पहुंचे थे। इसी दौरान एक ग्रामीण अपने आधार से सिम कार्ड लेने गया। वहां उसे जानकारी मिली कि उसके आधार नंबर पर पहले ही एयरटेल का सिम जारी हो चुका है। इसके बाद पुलिस ने बायोमेट्रिक के इस्तेमाल की दिशा में जांच आगे बढ़ाई।
तीन आरोपी गिरफ्तार, दो की भूमिका की जांच
पुलिस ने मामले में करन कुमार निवासी पटेल नगर, माधोगंज, अभिषेक निवासी फजलपुर, माधोगंज व हरिश्चन्द्र निवासी जुटैला, बघौली को गिरफ्तार किया है। पिन्टू उर्फ मुनेन्द्र व विकास की भूमिका की भी जांच चल रही है। पुलिस यह पता कर रही है कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।
फिंगरप्रिंट मशीन समेत कई अन्य सामान बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुराना रजिस्टर, पैन कार्ड बनाने की रसीदें, चार मोबाइल फोन, बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट मशीन, तीन आधार कार्ड व दो स्टाम्प मिले हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि ग्रामीणों से लिए गए आधार व बायोमेट्रिक का इस्तेमाल कर कितने मोबाइल नंबर जारी कराए गए। इसके साथ ही कितने बैंक खाते खोले गए, इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस गिरोह के दूसरे सदस्यों की भूमिका की भी जांच कर रही है।






