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सांस की तकलीफ को न समझें मामूली, लखनऊ में Swine Flu से महिला की मौत के बाद अलर्ट

लखनऊ में इस सीजन स्वाइन फ्लू से पहली मौत, जनवरी से अब तक एक दर्जन से अधिक मरीजों में संक्रमण की पुष्टि, पिछले एक महीने में तीन नए मामले सामने आए, सिविल अस्पताल में 12 व बलरामपुर में छह बेड का अलग वार्ड तैयार स्वास्थ्य विभाग संपर्क में आए लोगों की निगरानी करेगा, बुखार-खांसी के साथ सांस फूलने पर जांच की सलाह

लखनऊ, 28 अगस्त 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वाइन फ्लू से 50 वर्षीय महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। इंदिरानगर की रहने वाली महिला का बलरामपुर अस्पताल में इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सर्दी-जुकाम, बुखार या खांसी को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी है। खासकर सांस लेने में परेशानी बढ़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने को कहा गया है।

महिला के संपर्क में आए लोगों पर नजर

महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम उनके संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटा रही है। महिला पिछले दिनों कहां गई थीं, किन लोगों से मिली थीं, इसकी भी जानकारी ली जाएगी। परिवार के सदस्यों को फिलहाल सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। संपर्क में आए लोगों में लक्षण मिलने पर उनकी जांच कराई जाएगी।

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जनवरी से अब तक 13 मरीज

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लखनऊ में जनवरी से अब तक 13 लोगों में Swine Flu की पुष्टि हो चुकी है। इनमें पिछले एक महीने के दौरान तीन मरीज सामने आए हैं। डॉक्टरों के मुताबिक शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल संक्रमण जैसे हो सकते हैं। इसी वजह से लगातार बने रहने वाले लक्षणों या हालत बिगड़ने पर जांच जरूरी हो जाती है।

अस्पतालों में अलग वार्ड तैयार

स्वाइन फ्लू के मरीजों की जांच व इलाज के लिए अस्पतालों में इंतजाम किए गए हैं। सिविल अस्पताल में 12 बेड, बलरामपुर अस्पताल में छह बेड का अलग वार्ड बनाया गया है। गंभीर मरीजों के इलाज के लिए जरूरी दवाओं व जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

खांसी-छींक से फैल सकता है संक्रमण

Swine Flu को Influenza A H1N1 संक्रमण भी कहा जाता है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस लेने से निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से संक्रमण फैल सकता है। संक्रमित सतह छूने के बाद आंख, नाक या मुंह छूने से भी संक्रमण का खतरा रहता है।

ये लक्षण दिखें तो सावधान

तेज बुखार, ठंड लगना, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, शरीर या मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी व थकान इसके सामान्य लक्षण हो सकते हैं। सांस फूलना या सांस लेने में परेशानी बढ़ना गंभीर संकेत माना जाता है। ऐसे लक्षण होने पर डॉक्टर की सलाह लेकर जांच करानी चाहिए।

संक्रमण से बचने के लिए क्या करें

खांसते या छींकते समय नाक-मुंह ढकें। हाथों को साबुन से बार-बार साफ करें। संक्रमित व्यक्ति से दूरी रखें। सर्दी-जुकाम या बुखार के लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। इस्तेमाल किए गए टिश्यू या रुमाल को सुरक्षित तरीके से फेंकें। सांस लेने में परेशानी बढ़ने पर मरीज को अस्पताल ले जाएं।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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