
लखनऊ, 22 जून 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया चौराहे के पास सोमवार दोपहर बाद हुए भीषण अग्निकांड में कई छात्रों समेत 14 लोगों की दर्दनाक मौत की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही छोड़ दिया और सीधे लखनऊ पहुंच गए। मुख्यमंत्री सबसे पहले घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने पूरे घटनाक्रम का जायजा लिया और राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने मौके पर डीजीपी राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से हादसे के कारणों और अब तक की कार्रवाई की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को घटना की गहन जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी सीधे किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) पहुंचे, जहां अग्निकांड में घायल लोगों का उपचार चल रहा है। उन्होंने घायलों का हालचाल जाना। उनके परिजनों से बातचीत की और चिकित्सकों को सभी घायलों का सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इस दर्दनाक हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने गहरा शोक व्यक्त किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने शोक संदेश में कहा कि लखनऊ की भीषण अग्नि दुर्घटना में अनेक लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं। वे घटनास्थल का दौरा करेंगे। वहीं, बसपा प्रमुख मायावती ने भी हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि कोचिंग सेंटर में आग लगने से जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं। उन्होंने राज्य सरकार से घायलों के लिए सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने की मांग की।






