
बाराबंकी, 1 सितम्बर 2026:
यूपी के बाराबंकी जिले में मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट में मंगलवार को अहम बैठक हुई। इसमें आलू किसानों को बाजार भाव में गिरावट से होने वाले नुकसान से राहत देने के लिए भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना के बारे में जानकारी दी गई। इसके तहत पात्र किसानों को उत्पादन लागत और आलू की बिक्री दर के बीच के अंतर के आधार पर अनुदान दिया जाएगा। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
2 हेक्टेयर तक खेती पर मिलेगा लाभ
योजना में एक किसान के अधिकतम 2 हेक्टेयर आलू रोपित क्षेत्रफल को शामिल किया जाएगा। अनुदान की गणना अधिकतम 200 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की दर से होगी। स्वीकृत रकम आधार सीडेड बैंक खाते में DBT के जरिए सीधे भेजी जाएगी।
ऑफलाइन आवेदन नहीं होगा स्वीकार
योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन जरूरी है। आवेदन के साथ फोटोयुक्त पहचान पत्र, आधार कार्ड, आधार से लिंक बैंक पासबुक या चेकबुक जमा करनी होगी। किसान को आलू की खेती वाले क्षेत्रफल का रिकॉर्ड दिखाने के लिए खसरा-खतौनी भी देनी होगी। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

डीएम ने अधिकारियों को दिए निर्देश
योजना के क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह नेकलेक्ट्रेट के लोक सभागार में बैठक की। इसमें मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन, कोल्ड स्टोरेज संचालक, किसान प्रतिनिधि सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में किसानों को योजना के नियम, आवेदन प्रक्रिया व जरूरी दस्तावेजों की जानकारी दी गई।
किसानों की मदद के लिए प्रचार पर जोर
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि योजना की जानकारी ज्यादा से ज्यादा पात्र आलू किसानों तक पहुंचाई जाए। ऑनलाइन आवेदन में किसानों को जरूरी मदद देने के साथ उनकी शिकायतों का समय पर निस्तारण किया जाए। पात्र किसानों के स्वीकृत अनुदान को आधार प्रमाणित बैंक खाते में DBT के जरिए समय से भेजने के निर्देश भी दिए गए।
कोल्ड स्टोरेज संचालकों ने रखीं समस्याएं
बैठक में कोल्ड स्टोरेज संचालकों व किसानों ने योजना से जुड़ी अपनी समस्याएं व सुझाव रखे। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को किसानों की समस्याओं पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।






