
देहरादून, 2 सितंबर 2026ः
उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बुधवार को प्रदेश में संचालित व प्रस्तावित विभिन्न रोपवे परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने ब्रिडकुल को प्रदेश में रोपवे परियोजनाओं के प्रभावी संचालन और नियमन के लिए रोपवे रेग्यूलेशन और रूल्स शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं में तेजी लाते हुए लंबित प्रक्रियाओं, भूमि संबंधी प्रकरणों और आपसी समन्वय से जुड़े विषयों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने को कहा।
पार्किंग डेवलपमेंट को अनिवार्य रूप से किया जाए शामिल
मुख्य सचिव ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में रोपवे कनेक्टिविटी प्रदेश की पर्यटन एवं यातायात व्यवस्था को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसलिए सभी परियोजनाओं में समयबद्धता, गुणवत्ता व आपसी समन्वय पर विशेष ध्यान देते हुए उन्हें धरातल पर उतारने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि रोपवे परियोजनाओं में पार्किंग डेवलपमेंट को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि पर्यटकों व स्थानीय लोगों को बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध हो सके।
केदारनाथ धाम व हेमकुंड साहिब रोपवे की प्रगति जानी
उन्होंने केदारनाथ धाम व हेमकुंड साहिब रोपवे की प्रगति की समीक्षा करते हुए सम्बन्धित एजेंसियों को परियोजना की आगामी कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन एवं कार्यदायी संस्था के बीच बेहतर समन्वय के लिए नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश भी दिए गए। नैनीताल क्षेत्र की रोपवे परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने रानीबाग-ज्योलीकोट-हनुमानगढ़ी-कैंचीधाम और रानीबाग-भीमताल-भवाली रोपवे परियोजनाओं में एनएचएलएमएल व यूकेएमआरसी को आपसी तालमेल से इंटीग्रेशन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने यूकेएमआरसी के प्रोजेक्ट के फाइनल अप्रूवल की प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी करने के साथ ही फाइनल डीपीआर और डीएफसी की प्रक्रिया को भी शीघ्र पूरा करने को कहा।

परियोजनाओं की कार्यवाही में किसी प्रकार का विलंब न हो
आनंद बर्द्धन ने पर्यटन विभाग द्वारा निर्माण की जा रही परियोजनाओं जोशीमठ-औली-गोरसों, रैथल-बारसू और पुरकुल रोपवे परियोजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने इन परियोजनाओं की नियमित व प्रभावी समीक्षा करते हुए आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने यमुनोत्री-जानकी चट्टी, हनुमानचट्टी-पूर्णागिरि और तपोवन-कुंजपुरा रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने इनसे सम्बन्धित लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने को कहा। भूमि सम्बन्धी विषयों का समाधान कर परियोजनाओं की आगे की कार्यवाही में किसी प्रकार का विलंब न हो। इस अवसर पर सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव विनीत कुमार सहित संबंधित जनपदों से डीएम मौजूद रहे।

चौधरी ने दायित्वों का निष्ठा के साथ निर्वहन करने का लिया संकल्प
उधर, मुख्य सचिव ने सचिवालय में दीपेन्द्र चौधरी को उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग में आयुक्त पद की शपथ दिलाई। उन्होंने शुभकामनाएं देते हुए अपेक्षा की कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन निष्ठा, पारदर्शिता व निष्पक्षता के साथ करेंगे। कहा कि सेवा का अधिकार अधिनियम का उद्देश्य आम नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा में सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना व प्रशासन में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। दीपेन्द्र चौधरी ने शपथ ग्रहण के बाद कहा कि वे आयोग द्वारा सौंपे गए दायित्वों का पूरी निष्ठा व प्रतिबद्धता के साथ निर्वहन करेंगे।






