
लखनऊ, 6 सितंबर 2026:
देश के युवाओं और बेरोजगारों से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे Gen-Z आंदोलन पर बसपा सुप्रीमो एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं और छात्रों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब विभिन्न राजनीतिक दलों के कथित हस्तक्षेप के कारण स्वतंत्र कम और राजनीतिक ज्यादा नजर आने लगा है। मायावती ने कहा कि जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान युवाओं को जो बड़े-बड़े सपने दिखाए गए थे। वे अब गंभीर शंकाओं के घेरे में हैं।
मायावती ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि देश में ऐसे अनेक उदाहरण सामने आए हैं जिनसे लोगों को लग रहा है कि Gen-Z यानी देश के युवाओं और बेरोजगारों की समस्याओं से जुड़ा आंदोलन राजनीतिक पार्टियों द्वारा हाईजैक कर लिया गया है। उनके इस बयान को युवाओं के आंदोलन को लेकर बीएसपी की बदलती रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
‘जरूरी मांगों को लेकर बीएसपी को पूरी सहानुभूति और चिंता’
हालांकि, मायावती ने स्पष्ट किया कि Gen-Z और Gen-Alpha की जरूरी मांगों को लेकर बीएसपी को पूरी सहानुभूति और चिंता है। उन्होंने पार्टी की सभी स्टेट यूनिटों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने राज्यों और क्षेत्रों में संबंधित अधिकारियों से मिलकर युवाओं की समस्याओं का शांतिपूर्ण समाधान कराने के लिए तत्पर रहें। लेकिन इसी के साथ उन्होंने बीएसपी कार्यकर्ताओं के लिए आंदोलन की राह बंद कर दी।
1. देश में एक नहीं बल्कि अनेकों ऐसे उदाहरण हैं जिससे लोगों को यह लग रहा है कि सीजेपी का जेन-जी (Gen-Z) अर्थात देश के युवाओं और बेरोज़गारों आदि की ज्वलन्त समस्याओं को लेकर इनका यह आन्दोलन विभिन्न राजनीतिक पार्टियों द्वारा हाईजैक कर लेने से युवाओं व छात्रों आदि को जंतर मंतर आन्दोलन…
— Mayawati (@Mayawati) September 6, 2026
‘बसपा कार्यकर्ता धरना, प्रदर्शन या आंदोलन न करें’
मायावती ने पार्टी अनुशासन का हवाला देते हुए कहा कि कार्यकर्ता धरना, प्रदर्शन या आंदोलन न करें। अपनी ऊर्जा और संसाधनों को चुनाव के लिए सुरक्षित रखें, ताकि बीएसपी की सरकार बनाकर ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर युवाओं समेत पूरे समाज की समस्याओं का स्थायी समाधान किया जा सके।
संजय आजाद मामले पर पुलिस को घेरा
मायावती ने जंतर-मंतर पर हुए Gen-Z आंदोलन के दौरान संजय आजाद से जुड़ी गंभीर घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस ने समय रहते उचित कार्रवाई की होती तो ऐसी घटना नहीं होती। उन्होंने मामले के अभियुक्तों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि ऐसा नहीं हुआ तो बीएसपी भी ऐसे मामलों में पीछे नहीं रहेगी।
मायावती का यह बयान ऐसे समय आया है जब युवा रोजगार, भविष्य और राजनीतिक प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। ऐसे में उनका आंदोलन को समर्थन देना लेकिन बीएसपी कार्यकर्ताओं को सड़क पर उतरने से रोकना युवाओं के बीच चर्चा का नया विषय बन सकता है।






