
लखनऊ, 7 सितंबर 2026:
यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं वैसे-वैसे सियासी बयानबाजी भी तल्ख होती जा रही है। योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। इस बार उन्होंने आजमगढ़ की एक कथित मारपीट की घटना को मुद्दा बनाते हुए अखिलेश यादव को सीधे निशाने पर लिया और सपा के भीतर कार्यकर्ताओं के साथ कथित व्यवहार को लेकर सवाल खड़े किए।
मंत्री राजभर ने सोमवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर अखिलेश यादव को भोजपुरी अंदाज में संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आजमगढ़ में सपा विधायक नफीस अहमद के समर्थकों द्वारा सपा के ही बूथ अध्यक्ष राहुल यादव की कथित तौर पर पिटाई कराई गई। राजभर के मुताबिक राहुल यादव की ‘गलती’ सिर्फ इतनी थी कि उन्होंने विधायक की जगह किसी दूसरे सपा नेता को पसंद किया था।
अपने पोस्ट में राजभर ने अखिलेश पर निशाना साधते हुए लिखा कि उनकी पार्टी के लोग लगातार नए-नए कांड कर रहे हैं और वह ‘चादर तानकर सो रहे हैं’। उन्होंने अखिलेश से अपने ही पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ हो रहे कथित व्यवहार पर शर्म करने की बात कही। राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ‘मुसलमान प्रेम’ में इतने डूबे हुए हैं कि उन्हें सही और गलत का अंतर दिखाई नहीं दे रहा।
राजभर का हमला यहीं नहीं रुका। उन्होंने सपा अध्यक्ष से तंजिया अंदाज में कहा कि जो कार्यकर्ता उनकी पार्टी का झंडा और बैनर ढोते हैं, कम से कम उनके भी ‘सगे’ हो जाएं। इसके बाद उन्होंने सीधे चुनाव का हवाला देते हुए कहा… ‘आवत बा चुनाव, समझ में आ जाई।’
का हो अलिखेश यादव जी
एकदम्मे किरिया खा लेहले हउवा कि सुधरबा नाही तू लोग?तोहार 'पीट देगा अशफाक' रोज नया-नया कांड करत हउवन, आउर तू चादर तान के सुत्तत हउवा…
आजमगढ़ में तोहार बिधायक मियां जी तोहरे बिरादरी वालन के दिन-दहाड़े पिटवावत हउवन
तोहरे पार्टी क बूथ अध्यक्ष राहुल यादव क…— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) September 7, 2026
राजभर ने अपने बयान में आजमगढ़ के ‘कृष्णवंशी अहिर’ मतदाताओं का भी जिक्र किया और दावा किया कि वे इस बार ‘कंसवादी’ लोगों को सबक सिखाने के लिए तैयार बैठे हैं। उनके इस बयान को आजमगढ़ की जातीय और राजनीतिक गोलबंदी से जोड़कर देखा जा रहा है।
दरअसल, राजभर पिछले कुछ समय से अखिलेश यादव और सपा पर लगातार हमलावर हैं। उनके हालिया बयानों में राजनीतिक आरोपों के साथ व्यक्तिगत और धार्मिक-सियासी तंज भी दिखाई दे रहे हैं। दूसरी ओर, अखिलेश यादव फिलहाल राजभर के इन हमलों को बहुत ज्यादा तवज्जो देते नजर नहीं आ रहे हैं।
ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजभर बनाम अखिलेश की जुबानी जंग यूपी की सियासत में आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रही है। आजमगढ़ जैसे सपा के मजबूत राजनीतिक गढ़ को लेकर छिड़ी यह बयानबाजी चुनावी समीकरणों के लिहाज से भी खासा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।






