
लखनऊ, 7 सितंबर 2026:
यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी तापमान बढ़ता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण से लेकर AI के इस्तेमाल, राम वन गमन पथ, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सरकारी खर्च तक अखिलेश ने सरकार को घेरा और कई गंभीर सवाल खड़े किए।
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में कोर्ट के आदेश के बाद मस्जिद गिराए जाने के मुद्दे पर अखिलेश ने सरकार की कार्रवाई की टाइमिंग पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जिला कोर्ट के फैसले के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाने का रास्ता खुला था। जब न्याय के लिए ऊपरी अदालतें मौजूद हैं, तो 12-13 घंटे के भीतर मस्जिद गिराने की इतनी जल्दी क्या थी? उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों के जरिए प्रदेश को सांप्रदायिक रास्ते पर ले जाने की कोशिश की जा रही है।
अखिलेश ने भाजपा सरकार पर बुनियादी मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ‘पॉलिटिकल मेकअप’ पर जनता का पैसा पानी की तरह बहा रही है। उनके मुताबिक प्रदेश में महंगाई और रोजगार के सवालों का जवाब नहीं है और निवेश के मोर्चे पर भी सरकार अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सकी है।
‘राम वन गमन पथ 118 जगहों पर धंस चुका’
राम वन गमन पथ को लेकर भी अखिलेश ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने दावा किया कि राम वन गमन पथ 118 जगहों पर धंस चुका है और भ्रष्टाचार की खबर दिखाने वाले पत्रकारों को पुलिस तलाश रही है। अखिलेश ने कहा कि एक तरफ शहरों को स्पेन और क्योटो बनाने के दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री खुद इंजीनियर बन जाते हैं और जमीन पर हजारों करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट की हालत खराब हो जाती है।
‘ग्रीन कॉरिडोर’ की परिभाषा पर सवाल उठाया
सरकार की तकनीकी समझ पर तंज कसते हुए उन्होंने ‘ग्रीन कॉरिडोर’ की परिभाषा पर भी सवाल उठाया। अखिलेश ने कहा कि गंभीर मरीजों के अंगों को कम समय में एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था को ग्रीन कॉरिडोर कहा जाता है, लेकिन सरकार सड़क किनारे पेड़ लगाने को ही ग्रीन कॉरिडोर समझ रही है।
“हमारे PDA समाज में लोग जुड़ते चले जा रहे हैं, बड़ी संख्या में सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ने वाले लोग हैं। हमने तय किया है सम्राट अशोक जयंती पर छुट्टी का ऐलान होगा। रिवरफ्रंट पर बाबू जगदेव कुशवाहा जी का स्मारक बनाने का काम होगा।”
– माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी pic.twitter.com/HYHqVBcze2
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) September 7, 2026
AI के इस्तेमाल को लेकर भाजपा को दी चेतावनी
AI को लेकर भी अखिलेश ने भाजपा को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जो समाज में अच्छाई फैलाए, वही असली AI है। विपक्षी नेताओं को बदनाम करने के लिए फर्जी वीडियो बनाने वालों को उन्होंने चेताते हुए कहा कि अगर AI से वीडियो बनाए जाएंगे तो जवाब में यहां से भी वीडियो तैयार किया जा सकता है।
छात्रसभा की नीली टीशर्ट पर बाबा साहब की भी तस्वीर
इस दौरान समाजवादी छात्रसभा की नई ड्रेस भी घोषित की गई। अब छात्रसभा कार्यकर्ता नीली शर्ट या टीशर्ट में नजर आएंगे। उस पर साइकिल के साथ बाबा साहब की तस्वीर होगी। चुनाव से पहले सपा के लाल रंग के साथ नीले रंग को जोड़ने के इस फैसले को पार्टी की नई राजनीतिक और सामाजिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
‘गरीबों को नहीं मिल रहा इलाज, बंद किए जा रहे स्कूल’
अखिलेश ने स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों को इलाज नहीं मिल रहा, गलत इलाज से लोगों की जान जा रही है और स्कूल बंद किए जा रहे हैं। उनका दावा था कि सरकारी तंत्र ब्रांडिंग पर हजारों करोड़ रुपये खर्च कर रहा है, जबकि अपराधियों पर कार्रवाई के बजाय सपा नेताओं के घर पुलिस भेजी जा रही है। वाराणसी में कोडीन के कथित अवैध कारोबार में सत्ता पक्ष के लोगों की संलिप्तता के आरोप भी उन्होंने लगाए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश का निशाना साफ थाकि सरकार विकास और ब्रांडिंग के दावों के बजाय महंगाई, रोजगार, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दों पर जवाब दे। चुनावी माहौल गरमाने के साथ सपा प्रमुख के इन हमलों ने प्रदेश की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।





