
सीतापुर, 11 सितंबर 2026:
यूपी के सीतापुर जिले में सड़क चौड़ीकरण के दौरान अतिक्रमण हटाने को लेकर शुरू हुए विवाद ने उस समय राजनीतिक रंग ले लिया, जब सदर विधायक व प्रदेश सरकार के नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर गुरु समर्थकों के साथ कोतवाली पहुंच गए। वहां मीडिया से बातचीत के दौरान वह भावुक हो गए। अपनी बात रखते-रखते उनकी आंखों से आंसू निकल आए।
कार्यकर्ताओं की हिरासत पर नाराजगी
मामला शहर के रम्पा महल के पास सड़क चौड़ीकरण के दौरान अतिक्रमण हटाने का है। कार्रवाई के समय भाजपा कार्यकर्ताओं की नगर पालिका के अधिकारियों से कहासुनी हो गई। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि अभियान के दौरान उनके साथ जरूरत से ज्यादा सख्ती की गई। बाद में पुलिस ने अभद्रता के आरोप में कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

अधिकारियों से लगातार संपर्क का दावा
कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिलने के बाद राकेश राठौर गुरु खुद कोतवाली पहुंचे। उन्होंने कहा कि दोपहर से देर रात तक नगर पालिका के ईओ, पुलिस अधिकारियों से लेकर एसपी स्तर तक बातचीत होती रही, लेकिन कार्यकर्ताओं को लेकर उन्हें लगातार सिर्फ आश्वासन मिलता रहा।

माफिया का जिक्र कर उठाए सवाल
राज्यमंत्री ने पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुजीब अहमद जैसे हिस्ट्रीशीटर पर दर्जनों मुकदमे हैं। उनके मुताबिक ऐसे व्यक्ति को जेल भेजने के कुछ समय बाद छोड़ दिया जाता है, उसके साथ फोटो खिंचवाई जाती है, जबकि भाजपा कार्यकर्ताओं को हवालात में रखा जाता है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं दी गई।
बोले, पहली बार कोतवाली आया हूं
राकेश राठौर ने कहा कि उनके जीवन में यह पहला मौका है, जब उन्हें किसी मामले को लेकर कोतवाली आना पड़ा है। उन्होंने हिरासत में लिए गए युवकों को अपना करीबी बताते हुए कहा कि इनमें एक उनके परम मित्र जितेंद्र मिश्रा हैं, जबकि दूसरे सौरभ मिश्रा हैं, जिन्हें वह मुंहबोला भतीजा मानते हैं। उन्होंने कहा कि सौरभ को उन्होंने गोद में खिलाया है।

अपशब्द पर खुद मांगी माफी
राज्यमंत्री ने कहा कि अगर बातचीत के दौरान किसी युवक से कोई अपशब्द निकल गया हो तो उसके लिए वह खुद माफी मांगते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं का खून गर्म होता है, लेकिन प्रशासन को भी ऐसे मामलों में संवेदनशीलता से काम करना चाहिए।
बोले, कार्यकर्ता नहीं रहेगा तो भाजपा कहां रहेगी
राकेश राठौर ने कहा कि वह अपने कार्यकर्ताओं के सम्मान के लिए कोतवाली आए हैं। उन्होंने कहा कि अगर कार्यकर्ता ही नहीं रहेगा तो भाजपा कहां रहेगी। उनके इस बयान के बाद कोतवाली में मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
एएसपी ने बताया रूटीन कार्रवाई
मामले पर एएसपी उत्तरी आलोक कुमार सिंह ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस की संबंधित युवक से बातचीत हुई थी। उस समय पुलिस को यह जानकारी नहीं थी कि युवक भाजपा कार्यकर्ता है। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया, जिसके बाद स्थिति को संभालने की कोशिश की गई। एएसपी ने कार्रवाई को रूटीन कार्रवाई का हिस्सा बताया।






