
लखनऊ, 13 सितंबर 2026:
यूपी के बलिया की कक्षा एक की छात्रा रागिनी राजभर की पढ़ने की जिद ने अब सियासी गलियारों तक दस्तक दे दी है। दुर्घटना में एक पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद रोजाना करीब 400 मीटर दूर स्कूल तक एक पैर पर कूद-कूदकर पहुंचने वाली रागिनी से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में मुलाकात की।
रागिनी की कहानी सामने आने के बाद अखिलेश यादव ने उसके इलाज के लिए समुचित चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही परिवार को 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी। इतना ही नहीं बच्ची की पढ़ाई जारी रखने के लिए बांसडीह, बलिया स्थित बीएन इंटरनेशनल स्कूल में उसकी शिक्षा की व्यवस्था करने की बात भी कही।
रागिनी बलिया के मनियर ब्लॉक की दिघेड़ा ग्रामसभा के रानीपुर गांव की रहने वाली है। उसके पिता देवेन्द्र सिंह और मां बबीता राजभर ने भी अखिलेश यादव से मुलाकात की। परिवार ने बच्ची के प्रति उनके सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार और मदद के लिए आभार जताया।
अखिलेश यादव ने कहा कि रागिनी की पढ़ने की ललक को देखते हुए उसकी पढ़ाई में पूरी मदद की जाएगी। उन्होंने इस मौके को शिक्षा के मुद्दे से जोड़ते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी अपने घोषणापत्र में केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा देने को स्थान देगी।
रागिनी और उसके परिवार को अखिलेश यादव से मिलवाने में बलिया के नीरज गुड्डू और रामदेव प्रधान ने अहम भूमिका निभाई। इस अवसर पर रागिनी के एक पैर पर स्कूल तक पहुंचने के संघर्ष से शुरू हुई यह कहानी अब इलाज, आर्थिक मदद और शिक्षा के वादे के साथ सियासी संदेश में बदल गई है।






