
लखनऊ, 12 सितंबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के ईको गार्डन में विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे पंचायत सहायक कर्मचारियों के आंदोलन को शनिवार को आम आदमी पार्टी (AAP) का खुला समर्थन मिला। अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल के नेतृत्व में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल धरना स्थल पहुंचा और आंदोलनरत कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान AAP ने सरकार पर पंचायत सहायकों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन में पूरी ताकत से साथ खड़े होने का ऐलान किया।
विनय पटेल ने कहा कि पंचायत सहायकों की आवाज को मजबूती देने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह 14 सितंबर को ईको गार्डन पहुंचेंगे। वह धरनारत पंचायत सहायकों से मुलाकात करेंगे और उनके हक-अधिकार की लड़ाई को सड़क से लेकर संसद तक उठाने का संकल्प दोहराएंगे।
‘6 हजार रुपये में मंत्री-विधायक चलाकर दिखाएं घर’
विनय पटेल ने कहा कि ग्राम पंचायतों में सरकारी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रखने में पंचायत सहायकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद सरकार इनके साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि कमरतोड़ महंगाई के दौर में पंचायत सहायकों को महज 6,000 का मानदेय दिया जा रहा है जो उनके अनुसार शिक्षित युवाओं के साथ आर्थिक और मानसिक शोषण है।

सरकार पर हमला बोलते हुए पटेल ने कहा कि इस सरकार के मंत्री और विधायक एक महीने सिर्फ 6,000 रुपये में अपने परिवार का गुजारा करके दिखाएं तब उन्हें पंचायत सहायकों के दर्द और संघर्ष का अहसास होगा। उन्होंने कहा कि दिन-रात गांवों में सरकारी योजनाओं को लागू कराने वाले युवाओं के साथ बंधुआ मजदूरों जैसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्थायीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग
AAP नेता ने सरकार से पंचायत सहायकों का मानदेय सम्मानजनक करने और उनके स्थायीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की समस्याएं सुनकर समयबद्ध समाधान करना चाहिए। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने पंचायत सहायकों की मांगों को अनसुना किया तो AAP इस लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक पूरी मजबूती से लड़ेगी। धरने में निवर्तमान प्रदेश महासचिव दिनेश पटेल, मनोज मिश्रा, नूर सिद्दीकी, अतुल सिंह, अभिषेक सिंह, सुधीर पटेल, सुरभि और प्रेरणा समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।






