
लखनऊ, 2 जुलाई 2026:
यूपी के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। प्रदेश में लगातार सातवें वर्ष भी बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। वहीं, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक ईवी चार्जिंग स्टेशनों पर इस्तेमाल होने वाली बिजली पर 20 प्रतिशत की रियायत देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं से पुराने मीटरों की जगह लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों का कोई शुल्क भी नहीं लिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने पावर कॉर्पोरेशन की ओर से स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग योजना के तहत करीब 3,838 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च बिजली बिलों में शामिल करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। आयोग ने यह भी तय किया कि नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (NPCL) के उपभोक्ताओं को पहले की तरह बिजली बिल पर 10 प्रतिशत की छूट मिलती रहेगी।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने फैसले का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि उत्तर प्रदेश का विद्युत प्रबंधन ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि लगातार सात वर्षों से बिजली की दरों में एक पैसे की भी वृद्धि नहीं हुई है। वर्ष 2026-27 में भी उपभोक्ताओं को पुरानी दरों पर ही बिजली मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भीषण गर्मी के दौरान प्रदेश ने 32,673 मेगावाट की रिकॉर्ड विद्युत आपूर्ति की और प्राकृतिक चुनौतियों के बावजूद हर शहर, गांव, सड़क और गली तक 24 घंटे बिजली पहुंचाने का प्रयास जारी है।

मालूम हो कि बिजली की नई दरों को लेकर नियामक आयोग ने मार्च और अप्रैल में सभी बिजली कंपनियों के प्रस्तावों पर सुनवाई पूरी की थी। राज्य सलाहकार समिति की बैठक के बाद अंतिम निर्णय लिया गया। हालांकि नियमानुसार नई दरों की घोषणा 5 जून तक हो जानी चाहिए थी लेकिन इस बार फैसला देर से आया।
पावर कॉरपोरेशन और बिजली वितरण कंपनियों ने राजस्व अंतर का हवाला देते हुए बिजली दरें बढ़ाने की मांग की थी लेकिन नियामक आयोग ने उपभोक्ताओं को राहत देते हुए इस मांग को स्वीकार नहीं किया। इससे प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं को महंगाई के बीच बड़ी राहत मिली है।





