
एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 15 सितंबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में मोबाइल फोन की किस्त वसूली के नाम पर कथित बर्बरता का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि निगोहां क्षेत्र में बकाया किस्त न चुका पाने पर रिकवरी एजेंट और उसके साथी ने एक मजदूर युवक को गांव के किनारे से जबरन उठाया और शहर के एक मकान में ले जाकर पांच दिन तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई। जबरन मजदूरी कराई गई और हद तो तब हो गई जब उसे ब्लड बैंक ले जाकर एक यूनिट खून तक निकलवा लिया गया।
2799 रुपये भेजे, फिर मांगे 12,500
पुरहिया मजरा राजारामखेड़ा निवासी बुजुर्ग विधवा जदूराई ने डीसीपी दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक को दी शिकायत में बताया कि उनका छोटा बेटा नेवल ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करता है। करीब एक साल पहले उसने निगोहां कस्बे की गीता मोबाइल शॉप से जीरो डाउन पेमेंट पर मोबाइल खरीदा था। किस्त बकाया होने पर कुछ लोग उसके घर पहुंचे और मोबाइल लेकर चले गए थे।
आरोप है कि आठ सितंबर को स्कूटी सवार दो युवक गांव से नेवल को जबरन अपने बीच बैठाकर ले गए। उसे लखनऊ के एक मकान में बंधक बनाकर रखा गया। आरोपियों ने उससे मारपीट की और जबरन मजदूरी कराई। इतना ही नहीं बकाया किस्त के नाम पर उसे ब्लड बैंक ले जाकर एक यूनिट रक्त निकलवा लिया गया।
इसके बाद नेवल से उसके बड़े भाई राजकुमार को फोन कराया गया। आरोपियों ने कहा कि 2799 रुपये ऑनलाइन उनके बताए खाते में भेज दो तो मजदूर को छोड़ देंगे। राजकुमार ने यूपीआई के जरिए रकम भेज दी लेकिन इसके बाद 12,500 रुपये और देने का दबाव बनाया गया। रकम की मांग पूरी होने के बावजूद नेवल को रिहा नहीं किया गया।
मां-बेटे पहुंचे थाने, पुलिस के फोन पर पांचवें दिन छोड़ा
बेटे के बंधक बनाए जाने से परेशान मां जदूराई बड़े बेटे राजकुमार के साथ 12 सितंबर को निगोहां थाने पहुंचीं और लिखित शिकायत दी। आरोप है कि दारोगा के फोन करने के बाद पांचवें दिन नेवल को रैपिडो बाइक से थाने भेज दिया गया और आरोपी वहां से चले गए।
पीड़ित ने पुलिस को अपने साथ हुई पूरी घटना बताई लेकिन आरोप है कि तत्काल मुकदमा दर्ज करने के बजाय आरोपियों को बुलाने की बात कहकर परिवार को घर भेज दिया गया। दो दिन तक परिवार थाने के चक्कर लगाता रहा, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
डीसीपी की फटकार के बाद हरकत में आई पुलिस सोमवार को नेवल अपनी मां और बड़े भाई के साथ डीसीपी दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक के कार्यालय पहुंचा और पूरी घटना बताई। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीसीपी ने थाना प्रभारी को फटकार लगाई और तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
शिकायत के बावजूद कार्रवाई न करने वाले दारोगा के खिलाफ भी जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके बाद पुलिस ने एक नामजद और एक अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपहरण, बंधक बनाने समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की है।






