
लखनऊ, 20 जुलाई 2026:
यूपी में पंचायतों की जमीनी व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी माने जाने वाले पंचायत सहायकों ने सोमवार को अपनी मांगों को लेकर राजधानी लखनऊ में जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे सैकड़ों पंचायत सहायकों ने इको गार्डन में प्रदेश स्तरीय धरना दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि उनकी मांगों पर ठोस फैसला चाहिए।
पंचायत सहायक संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद चांद और शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेशभर के पंचायत सहायकों से सोमवार को इको गार्डन पहुंचने का आह्वान किया गया था। इसी के तहत बड़ी संख्या में पंचायत सहायक राजधानी पहुंचे और अपनी आवाज बुलंद की। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि पंचायत सहायक गांवों में सरकारी योजनाओं और पंचायत से जुड़े कामों को जमीन पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं लेकिन इसके बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारी जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

पंचायत सहायकों ने अपनी पांच प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखीं। उनकी मांग है कि अनुबंध प्रक्रिया समाप्त कर उन्हें श्रेणी ‘ग’ के राज्य कर्मचारी के रूप में स्थायी किया जाए और वेतन में वृद्धि की जाए। इसके अलावा पंचायतीराज विभाग में 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग भी उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने नगर पंचायतों में समायोजन, पंचायतों में पद के समकक्ष कार्य देने और पंचायत सहायकों की इच्छा के अनुसार स्थानांतरण की व्यवस्था लागू करने की मांग की।
इस दौरान महिला पंचायत सहायकों के लिए शादी के बाद ससुराल के नजदीक वर्तमान पद के समकक्ष अन्य विभाग में समायोजन की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। इसके साथ ही पंचायत सहायकों के सेवानिवृत्त होने पर पेंशन की व्यवस्था किए जाने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।






