
नई दिल्ली, 24 जुलाई 2026:
NEET Paper Leak और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर पिछले 26 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया। आंदोलन के 27वें दिन यह फैसला केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के साथ हुई बातचीत के बाद लिया गया।
देर रात हुई मुलाकात के बाद बनी सहमति
गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में बृहस्पतिवार देर रात दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने सोनम वांगचुक से मुलाकात की। बातचीत के दौरान सरकार की ओर से कई अहम मुद्दों पर सकारात्मक रुख का भरोसा दिया गया। इसके बाद वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने का फैसला किया।
प्रदर्शनकारियों पर केस नहीं दर्ज करने का भरोसा
जेपी नड्डा ने वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो और अन्य लोगों की मौजूदगी में कहा कि सरकार जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों और 20 जुलाई 2026 को संसद मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज नहीं करने के मामले में सकारात्मक सोच रखती है।
परीक्षा सुधार और मुआवजे पर भी सरकार का संकेत
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार पहले ही संसद में प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार पर चर्चा कराने का भरोसा दे चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल के NEET Paper Leak से जुड़े मामलों में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को उचित मुआवजा देने के प्रस्ताव पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर दी जानकारी
अनशन खत्म करने के बाद सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख एपेक्स बॉडी के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में 26 दिन बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया।

देश में तनाव की आशंका को देखते हुए लिया फैसला
वांगचुक ने कहा कि विभिन्न मुद्दों पर लंबी और गंभीर बातचीत हुई। इसके बाद देश में संभावित तनाव और हिंसा की आशंका को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार बातचीत में दिए गए भरोसे पर आगे ठोस कदम उठाएगी।






