
लखनऊ/मेरठ, 24 जुलाई 2026:
यूपी के मेरठ मंडल की धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन की नई पहचान देने की दिशा में सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने मेरठ मंडल की पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर और हापुड़ के प्रमुख धार्मिक एवं विरासत स्थलों को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना को अंतिम रूप देने पर जोर दिया गया।
बैठक में पर्यटन विभाग की 27 परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इनकी अनुमानित लागत करीब 50.45 करोड़ रुपये है। इनमें मेरठ की दो, गाजियाबाद की चार, गौतमबुद्ध नगर की तीन, बुलंदशहर की सात और हापुड़ की आठ परियोजनाएं शामिल हैं।
प्रस्तावित योजनाओं में प्राचीन विश्वनाथ महादेव मंदिर, मां संतोषी माता मंदिर, भावेश्वर महादेव मंदिर, मां चामुंडा देवी मंदिर, गुरु गोरखनाथ मंदिर, महाभारत कालीन गंगा मंदिर, भूतेश्वर शिव मंदिर तथा कबीरदास से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों के पर्यटन विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
इसके अलावा ब्रजघाट क्षेत्र और गंगा तट से जुड़े पर्यटन स्थलों का व्यापक विकास भी प्रस्तावित है। मंदिर परिसरों में पर्यटक सुविधाओं का विस्तार, सौंदर्यीकरण और आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाएगा। इससे कम चर्चित धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थल भी प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर अपनी पहचान बना सकेंगे।
बैठक में विरासत स्थलों को पर्यटन परिपथ से जोड़ने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। संस्कृति विभाग ने दो अहम प्रस्ताव प्रस्तुत किए। उनमें मेरठ के किठौर स्थित रामलीला मैदान का विकास, विस्तार एवं सौंदर्यीकरण तथा बुलंदशहर के शिकारपुर में स्वतंत्रता के बाद विभिन्न युद्धों में शहीद हुए सैनिकों की स्मृति में शहीद स्मारक निर्माण शामिल है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक परंपराओं और वीर सैनिकों के बलिदान को नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।

समीक्षा बैठक में वर्ष 2024-25 और 2025-26 की स्वीकृत निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति का भी आकलन किया गया। मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने जिला प्रशासन को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने, कार्यदायी संस्थाओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा परियोजनाओं में आने वाली बाधाओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य निर्माण कार्य कराने के साथ पर्यटन और सांस्कृतिक परियोजनाओं को स्थानीय पहचान, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास का सशक्त माध्यम बनाना है। स्थानीय जनता की सहभागिता के साथ विकसित होने वाली ये परियोजनाएं मेरठ मंडल की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाई देने के साथ प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी नई गति प्रदान करेंगी।






