
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 15 सितंबर 2026ः
उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) के 15 सितंबर को पांच वर्ष पूरे हो गए हैं। उन्होंने संवैधानिक दायित्वों के साथ प्रदेश के विकास व जनकल्याण को केंद्र में रखते हुए शिक्षा, तकनीक, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण, युवा और सीमांत क्षेत्रों से जुड़ी कई पहल शुरू कीं। राज्यपाल के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) के कार्यकाल की खास पहचान लोक भवन की कार्यप्रणाली में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल व जनभागीदारी बढ़ाने के प्रयासों के रूप में सामने आई। राज्यपाल ने शुरुआत में रिवर्स पलायन, महिला सशक्तीकरण एवं बालिका शिक्षा, एआई व तकनीक, जैविक एवं प्राकृतिक कृषि और वेलनेस को पांच प्रमुख मिशन के रूप में तय किया।
‘वन यूनिवर्सिटी-वन रिसर्च की पहल’
गुरमीत सिंह ने 15 सितंबर 2021 को पदभार संभाला था। कुलाधिपति के रूप में उच्च शिक्षा में गुणवत्ता व शोध को बढ़ावा देने के लिए ‘वन यूनिवर्सिटी-वन रिसर्च’ पहल शुरू की। कॉलेजों की संबद्धता प्रक्रिया को ऑनलाइन और समयबद्ध बनाने के लिए उत्तराखंड कॉलेज एफिलिएशन पोर्टल विकसित किया गया। कुलपति चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए इंटरैक्शन की वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू की गई। विश्वविद्यालयों के बीच संवाद के लिए ‘यूनिवर्सिटी कनेक्ट उत्तराखंड’ और निजी विश्वविद्यालयों के लिए ‘यूनिसंगम’ एप भी शुरू किए गए।
एआई को बनाया विकास का माध्यम
लोक भवन में एआई आधारित स्मार्ट ऑटोमेशन सिस्टम, ई-पास, ई-ऑफिस, डिजिटल डैशबोर्ड और ऑनलाइन मैनेजमेंट जैसी व्यवस्थाएं विकसित की गईं। ‘गार्गी नारी शक्ति’ एआई चैटबॉट महिलाओं को कानूनी सहायता, करियर, वित्तीय साक्षरता, सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने की पहल है। ‘इटरनल गुरु’ के जरिए आध्यात्मिक शिक्षाओं को तकनीक से जोड़ने का प्रयास हुआ। ‘उत्तराखंड एआई मिशन-2025’, ‘एआई फॉर ऑल’, ‘ऑपरेशन साथी’ और ‘आरोही इन्क्यूबेटर’ के जरिए विद्यार्थियों, युवाओं, शोधकर्ताओं, महिला उद्यमियों, किसानों और स्थानीय नवप्रवर्तकों को एआई, शोध व स्टार्टअप अवसरों से जोड़ने की कोशिश की गई।

सीमांत गांवों और स्वास्थ्य पर भी फोकस
राज्यपाल ने पांच वर्षों में प्रदेश के सभी जिलों का कई बार दौरा किया। 51 वाइब्रेंट विलेज में से 30 गांवों का दौरा कर स्थानीय लोगों, युवाओं और पूर्व सैनिकों से संवाद किया। स्वास्थ्य क्षेत्र में स्वयं 93 टीबी मरीजों के निक्षय मित्र बने। लोक भवन में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों के साथ आरोग्यधाम की स्थापना की गई। पर्यावरण संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग से करीब 200 किलोलीटर पानी के संरक्षण की व्यवस्था की गई। नक्षत्र वाटिका में 27 नक्षत्रों से जुड़े 27 पौधे लगाए गए, जबकि बोनसाई गार्डन में 500 से अधिक पौधों का संरक्षण किया जा रहा है। पांच वर्ष की इस यात्रा में राज्यपाल की प्राथमिकताओं का केंद्र सेवा, संवाद, तकनीक, नवाचार और जनभागीदारी रहा। लक्ष्य उत्तराखंड की प्रतिभा और संसाधनों को विकास की ताकत बनाते हुए राज्य को विकसित भारत 2047 की यात्रा में प्रभावी भूमिका के लिए तैयार करना रहा।






