Uttarakhand

चढ़ावा प्रकरण: आरोपी से मेरा कोई संबंध नहीं, गोदियाल बोले- रिटायर्ड जज की निगरानी में कराई जाए जांच

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बीकेटीसी अध्यक्ष के आरोपों को बताया निराधार, बोले- मेरे कार्यकाल का कोई मामला है तो उसकी भी जांच कराई जाए, धामी सरकार और उच्च शिक्षा मंत्री पर साधा निशाना

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 20 जुलाई 2026ः

उत्तराखंड का बद्रीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मामला लगातार गहराता जा रहा है। सोमवार को मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, धामी सरकार और उच्च शिक्षा मंत्री पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पूरे मामले की किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि उनके कार्यकाल का कोई मामला है तो उसकी भी जांच कराई जाए।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल ने कांग्रेस भवन में मीडिया से बातचीत में कहा कि बीकेटीसी अध्यक्ष द्वारा यह आरोप लगाया जा रहा है कि उनकी वर्ष 2003 से आरोपी प्रमोद नौटियाल से निकटता रही है, जबकि यह निराधार है। उन्होंने कहा कि प्रमोद नौटियाल मंदिर समिति में पहले से कार्यरत था और उससे पहली बार मुलाकात तब हुई, जब वह समिति के अध्यक्ष बने। इससे पहले उनका न तो कोई परिचय था और न ही कोई व्यक्तिगत संबंध।

ये भी पढ़ें:

गोदियाल ने आरोप लगाया कि बद्रीनाथ चढ़ावा प्रकरण सबसे पहले भैरव सेवा संगठन ने उजागर किया था। इसके बावजूद समिति ने समय रहते आवश्यक कार्रवाई नहीं की। उनका कहना था कि ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारी को तत्काल जिम्मेदारियों से अलग किया जाना चाहिए था, लेकिन अध्यक्ष को पूरा समय दिया गया, जिससे जांच प्रभावित होने की आशंका पैदा हुई।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि जहां लगभग 40 दिनों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रहनी चाहिए थी, वहां केवल आठ दिनों का फुटेज उपलब्ध कराया गया, जो गंभीर सवाल खड़े करता है। इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रमोद नौटियाल को बचाने का प्रयास किया गया। कहा कि कार्य आवंटन से जुड़े दस्तावेज बताते हैं कि उसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां वर्तमान अध्यक्ष के कार्यकाल में ही दी गई थी।

गणेश गोदियाल ने शिक्षा मंत्री पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के समक्ष विभिन्न विभागों में कथित अनियमितताओं और नियुक्तियों का मुद्दा उठाने के बाद से उनके खिलाफ आरोप लगाए जाने लगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि समिति के अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगने के बावजूद उन्हें पद से क्यों नहीं हटाया गया। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच तभी संभव है, जब किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराई जाए और सभी संबंधित पक्षों की भूमिका की जांच हो।

ये भी पढ़ें  Youth Dialogue: धामी ने युवाओं के साथ साझा किया New Uttarakhand Vision

Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button