
राजकिशोर तिवारी
चमोली, 26 जून 2026ः
उत्तराखंड में चमोली के विकासखंड नारायणबगड़ क्षेत्र में गुरुवार देर रात हुई पहली बारिश ने भारी तबाही मचाई। तेज बहाव के साथ आए मलबे के कारण सड़क पर यातायात प्रभावित हो गया। कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और मलबा दुकानों में भर गया। इससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और अन्य विभागों की टीमें ने पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया। वहीं, मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई है। साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें ने मौके पर पहुंच कर राहत व बचाव कार्य शुरू किया। प्रशासन की निगरानी में जेसीबी मशीनों से सड़कों से मलबा हटाने का काम शुरू हुआ, ताकि यातायात जल्द बहाल किया जा सके। प्रशासन प्रभावित दुकानों और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन जुटाने में लगा है। हालात पर प्रशासन नजर बनाए हुए है। मानसून की शुरुआत में ही हुई इस भयंकर बारिश ने क्षेत्रवासियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार 26 से 28 जून तक राज्य के अधिकांश पर्वतीय जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। वहीं, मैदानी जिलों हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। 29 जून को पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में बारिश की संभावना है। 30 जून को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में बारिश होने का अनुमान है।
मौसम विभाग का कहना है कि भारी वर्षा के चलते भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने, नदियों और बरसाती नालों के जलस्तर में वृद्धि जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। मौसम वैज्ञानिक रोहित थपलियाल ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के किनारे न जाने और प्रशासन व मौसम विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।






