
देवरिया, 26 जून 2026:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को देवरिया में 456 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 106 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। सीएम ने बरहज और रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्रों को सौंपी गई इन परियोजनाओं के फायदे बताए। जनसभा में मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों के साथ-साथ राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास कोई तथ्य या प्रमाण हैं तो उन्हें विशेष जांच दल (एसआईटी) के सामने रखा जाए, अन्यथा निराधार आरोप लगाने बंद किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवरिया महर्षि देवरहा बाबा की तपोभूमि है। यही वह धरती है, जहां से बाबा राघव दास ने देश की आजादी के आंदोलन को नई ऊर्जा देने का काम किया था। इसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि एक दल भगवान राम के अस्तित्व को ही नकारता रहा, जबकि दूसरा जय श्रीराम का उद्घोष करने वालों पर लाठी और गोली चलवाता था। ऐसे लोग आज आस्था की बात कर रहे हैं, उन्हें किसी को आस्था का पाठ पढ़ाने का अधिकार नहीं है।

सपा ने यूपी में दंगे करवाए, कांग्रेस ने देश को नोचा
सीएम ने कहा कि मुझे याद है कि वर्ष 2016 में मदनपुर थाने से कैसे असलहे लूट लिए गए थे और पूरे थाने को आग लगा दिया गया था। आज मुहर्रम है, कहीं किसी का अता-पता नहीं है। कोई अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन, सड़कों पर गुंडागर्दी नहीं कर सकता है। अगर करेगा तो फिर सात पीढ़ियों तक भुगतेगा भी। योगी ने कहा कि जिन लोगों ने राम नवमी के अवसर पर दंगे कराए, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर रोक लगाने की कोशिश की, कांवड़ यात्रा में बाधाएं पैदा कीं और दुर्गा पूजा जैसे धार्मिक आयोजनों में अशांति फैलने दी, वे आज अयोध्या को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने केवल देश को लूटा ही नहीं बल्कि उसे नोचा था। ऐसे लोगों के आरोप स्वीकार नहीं किए जा सकते।
बिना सबूत आरोप लगाना बंद करें
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और पहले दिन से कहा गया है कि पूरे मामले में दूध का दूध और पानी का पानी किया जाएगा। उन्होंने रामभक्तों की भावनाओं का सम्मान करने की अपील करते हुए कहा कि उनकी आस्था की परीक्षा लेना बंद किया जाए। यदि किसी के पास ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें एसआईटी को सौंपा जाए, लेकिन बिना सबूत आरोप लगाकर माहौल खराब न किया जाए।
बिना नाम लिए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि दिल्ली से भी एक सज्जन आज अयोध्या पहुंचे हैं। दिल्ली की जनता ने उन्हें वर्षों तक मौका दिया, लेकिन राजधानी को भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि यदि दिल्ली में भी उसी तरह काम हुआ होता जैसा डबल इंजन सरकार ने अयोध्या में किया है, तो राजधानी भी आज उसी तरह विकसित और व्यवस्थित दिखाई देती।
सपा सरकार में नौकरियां बिकती थीं
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी की पूर्व सरकार पर भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि उस समय पूरा परिवार नौकरियों में वसूली करने में लगा रहता था। आज पारदर्शी व्यवस्था के कारण देवरिया के युवाओं को पुलिस भर्ती में रोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सपा की सरकार होती तो योग्य युवाओं को अवसर नहीं मिलता और चाचा-भतीजे की जोड़ी नौकरियों की नीलामी कर देती। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में अयोग्य लोगों को भी महत्वपूर्ण पदों पर बैठाया जाता था।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे में तीन हजार करोड़ की बचत का दावा
मुख्यमंत्री ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2016 में सपा सरकार ने लगभग 15 हजार करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया था, जबकि जमीन का अधिग्रहण तक पूरा नहीं हुआ था। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के बाद दोबारा समीक्षा की गई और शर्तों में बदलाव कर नई निविदा निकाली गई। इसके बाद करीब 11,200 करोड़ रुपये में परियोजना पूरी कराई गई। योगी ने दावा किया कि इससे लगभग तीन हजार करोड़ रुपये की संभावित वित्तीय अनियमितता रोकी गई, जिसकी वजह से विपक्ष नाराज है।






