
लखनऊ, 25 सितंबर 2026:
यूपी के लखनऊ में शुक्रवार को तेज बारिश के बीच ऑल टीचर्स एम्पलाईज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) के बैनर तले ईको गार्डन में शिक्षक व कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे कर्मचारियों ने इस महारैली में पुरानी पेंशन बहाल करने, सरकारी संस्थानों के निजीकरण पर रोक लगाने और शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता खत्म करने की मांग उठाई। खराब मौसम से लड़ने के लिए हर प्रदर्शनकारी के हाथ मे छाता, बदन पर रेनकोट और मांगों के प्रति चेहरे पर गुस्सा दिखाई दिया।
प्रदेश अध्यक्ष बोले- निर्णायक होगा आंदोलन
अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा कि सुबह से तेज बारिश के बावजूद ईको गार्डन में हमारी मौजूदगी बताती है कि सरकार क्या कर रही है। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर संगठन लंबे समय से संघर्ष कर रहा है। सरकारी संस्थानों के निजीकरण को कर्मचारियों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि ठेका और संविदा पर काम करने वाले कर्मचारियों को कम वेतन में काम करना पड़ रहा है। उनका दावा है कि 10 से 12 हजार रुपये में संविदा कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है, जिससे आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। अटेवा निर्णायक जंग लड़ेगा।
तीन मांगों पर आंदोलन जारी रखने का ऐलान
उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल होने, निजीकरण पर रोक लगने और TET की अनिवार्यता खत्म होने तक अटेवा का आंदोलन जारी रहेगा। रैली में शिक्षक, कर्मचारी, किसान और युवा भी शामिल हुए। पुरानी पेंशन, निजीकरण और TET से जुड़े मुद्दों को लेकर 25 सितंबर की इस रैली का ऐलान संगठन पहले ही कर चुका था।

2027 के चुनाव का भी किया जिक्र
संगठन के अन्य नेताओं ने कहा कि संगठन अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो मौजूदा सरकार को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। अटेवा की 25 सितंबर की रैली को लेकर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से शिक्षक-कर्मचारियों के लखनऊ पहुंचने की तैयारियां कई दिनों से चल रही थीं। आज उनका शक्ति प्रदर्शन खराब मौसम के बीच चर्चा में बना रहा।






