
अनिल निषाद
अयोध्या, 27 सितंबर 2026:
रामनगरी अयोध्या में शारदीय नवरात्र से ठीक पहले दुर्गा पूजा की तैयारियों को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। देवकाली इलाके में दुर्गा प्रतिमाओं का निर्माण कर रहा पश्चिम बंगाल का मूर्तिकार उत्तम पाल अपनी टीम के साथ अचानक लापता हो गया। आरोप है कि वह दुर्गा पूजा समितियों से प्रतिमाओं के लिए लाखों रुपये एडवांस लेने के बाद निर्माण स्थल छोड़कर चला गया। घटना सामने आते ही कई पूजा समितियों के लोग मौके पर पहुंच गए और हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि उत्तम पाल के पास अयोध्या शहर और ग्रामीण इलाकों की करीब 125 दुर्गा प्रतिमाएं तैयार करने का ऑर्डर था। समितियों ने बुकिंग के दौरान उसे एडवांस रकम भी दी थी। इसके अलावा प्रतिमाओं के निर्माण में इस्तेमाल बांस का करीब दो लाख रुपये का भुगतान भी बकाया बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक शनिवार रात करीब दो बजे के बाद उत्तम पाल अपनी टीम के साथ निर्माण स्थल से निकलता हुआ सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दिया। सुबह पूजा समितियों के लोग वहां पहुंचे तो मूर्तिकार और उसकी टीम लापता थी। इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। निर्माण स्थल पर रखी प्रतिमाओं को देखा गया तो अधिकांश अभी अधूरी मिलीं।

मूर्तिकार के अचानक लापता होने से पूजा समितियों के सामने सबसे बड़ी चिंता अब समय की है। 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र शुरू होने हैं। ऐसे में अधूरी प्रतिमाओं को पूरा कराने या नई प्रतिमाएं तैयार कराने के लिए समितियों के पास बेहद कम समय बचा है। समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हुई तो कई पूजा पंडालों में प्रतिमा स्थापना प्रभावित हो सकती है।
सूचना मिलने पर केंद्रीय दुर्गा पूजा एवं रामलीला समन्वय समिति के अध्यक्ष मनोज जायसवाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। बड़ी संख्या में मौजूद पूजा समितियों के लोगों ने पूरे मामले की जांच कर मूर्तिकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कोतवाली नगर प्रभारी मनोज कुमार शर्मा का कहना है कि मूर्तिकार की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। उसके रेलवे स्टेशन या बसों के जरिए बाहर जाने की आशंका को देखते हुए वहां भी जांच कराई जा रही है। मूर्तिकार के घर पर भी सूचना भेजी गई है। पुलिस का कहना है कि उसे तलाश कर पूरे मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।






