Uttarakhand

कुंभ मेला 2027 : AI व भीड़ प्रबंधन पर जोर, राज्यपाल बोले- देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को न हो कोई परेशानी

गुरमीत सिंह से मिले पुलिस महानिरीक्षक व मेला अधिकारी, तैयारियों व व्यवस्थाओं के बारे में दी जानकारी, एक जनवरी से 30 अप्रैल तक होगा आयोजित, कुल 10 स्नान पर्व, इसमें चार अमृत स्नान शामिल

योगेंद्र मलिक

देहरादून, 30 सितंबर 2026ः

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और बेहतर अनुभव के लिए उपलब्ध आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग करें। उन्होंने कुंभ मेले में तकनीक एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित व्यवस्थाओं, आधुनिक सर्विलांस प्रणाली और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। ये बातें उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक डॉ. योगेंद्र रावत व कुंभ मेला अधिकारी सोनिका से कहीं। दोनों अधिकारी बुधवार को लोक भवन में राज्यपाल से मिलने पहुंचे थे। अधिकारियों ने आगामी कुंभ मेले की तैयारियों व व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी दी।

राज्यपाल ने मेले की व्यवस्थाओं में एनसीसी, विश्वविद्यालयों, पूर्व सैनिकों, स्वयंसेवी संगठनों सहित विभिन्न स्टेकहोल्डर्स की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाए। कहा कि कुंभ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और राज्य की समग्र प्रतिष्ठा से भी जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है। आयोजन की सफलता से प्रदेश को आर्थिक एवं पर्यटन की दृष्टि से लाभ मिलने के साथ ही उत्तराखंड की सकारात्मक छवि को भी और मजबूती मिलेगी। राज्यपाल ने कुंभ मेले की व्यवस्थाओं से संबंधित सभी विभागों व संस्थाओं के बीच समन्वय और प्रभावी संचार व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

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पुलिस महानिरीक्षक कुंभ ने राज्यपाल को सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए विस्तृत प्लान तैयार किया जा रहा है। इसमें विभिन्न संभावित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मॉक ड्रिल व अन्य अभ्यास किए जा रहे हैं। एसडीआरएफ व पुलिस सहित विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जा रहा है। मेला अधिकारी सोनिका ने बताया कि कुंभ मेला एक जनवरी से 30 अप्रैल 2027 तक आयोजित होगा। इसमें कुल 10 स्नान पर्व, जिनमें चार अमृत स्नान शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कुंभ क्षेत्र को चार जिलों और 32 सेक्टरों में विभाजित कर व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने की कार्ययोजना तैयार की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए घाटों, पुलों, सड़कों सहित स्थायी निर्माण कार्यों को गति दी जा रही है।

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Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

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