
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 7 सितंबर 2026ः
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उत्तराखंड के युवाओं के लिए राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ किया। योजना के पहले चरण में प्रदेश के राजकीय एवं सहायता प्राप्त महाविद्यालयों और राज्य विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत 11 हजार छात्र-छात्राओं को निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। सीएम ने कहा कि सरकार ने तय किया है कि आर्थिक तंगी या संसाधनों का अभाव किसी प्रतिभाशाली युवा के सपनों के आड़े नहीं आएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में आर्थिक संसाधनों व बेहतर कोचिंग की उपलब्धता सीमित होने के कारण कई प्रतिभाशाली युवा पीछे रह जाते हैं। धामी ने कहा कि उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है। सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल सरकारी नौकरी के अवसर उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें नौकरी देने वाला भी बनाना है। इसी उद्देश्य से स्वरोजगार, स्टार्टअप, कौशल विकास, उद्यमिता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बीते पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।
धामी ने कहा कि उत्तराखंड में अब रिवर्स पलायन की तस्वीर भी दिखाई देने लगी है। अनेक युवा गांव लौटकर कृषि, बागवानी, होमस्टे, स्थानीय उत्पादों और अन्य उद्यमों से जुड़ रहे हैं और खुद रोजगार हासिल करने के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को प्रदेश के भविष्य की नीति और विकास की दिशा तय करने में भी भागीदार बना रही है। ढाई लाख से अधिक युवा विद्यार्थियों के साथ वैचारिक मंथन कर उनके सुझाव लिए जा रहे हैं। युवाओं की आकांक्षाओं और रोजगार से जुड़े विषयों पर विशेष रूप से काम करने के लिए राज्य में अलग ‘युवा आयोग’ गठित किया जाएगा।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उनसे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, भविष्य के लक्ष्य और आकांक्षाओं पर संवाद किया। उन्होंने युवाओं से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी मेहनत व लगन से जुटने का आह्वान किया। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि योजना से विशेष रूप से पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग व मार्गदर्शन मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा में डिजिटल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है और ई-ग्रंथालय के माध्यम से विद्यार्थियों को करीब 20 लाख पुस्तकों तक डिजिटल पहुंच उपलब्ध कराई गई है।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कोचिंग संस्थानों से विद्यार्थियों की तैयारी पर व्यक्तिगत ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन, नियमित संवाद और विद्यार्थी की जरूरत के अनुसार सहयोग उसकी तैयारी और आत्मविश्वास को मजबूत करेगा। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डॉ. देवेंद्र भसीन, डॉ. जयपाल चौहान, सचिव उच्च शिक्षा डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति और उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।






