
लखनऊ, 7 सितंबर 2026:
यूपी के दिव्यांग बेसिक शिक्षकों के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की मांग को लेकर सोमवार को राजधानी लखनऊ में दिव्यांग महागठबंधन ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने लोकभवन स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय तक शांति मार्च निकालने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद अधिकारियों की पहल पर अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा से वार्ता हुई। स्थानांतरण की बाधाएं दूर करने के आश्वासन के बाद महागठबंधन ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित कर दिया।
महागठबंधन के मुताबिक दिव्यांग बेसिक शिक्षकों के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के लिए शासन ने कुछ समय पहले शासनादेश जारी किया था। इसमें शिक्षक या शिक्षिका के स्वयं दिव्यांग होने अथवा उनके अविवाहित पुत्र-पुत्री के दिव्यांग होने की स्थिति में स्थानांतरण का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा स्वयं या अविवाहित पुत्र-पुत्री के कैंसर से पीड़ित होने अथवा डायलिसिस पर होने की स्थिति में भी अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की व्यवस्था की गई है।
शासनादेश के बाद पात्र शिक्षकों ने निर्धारित समय सीमा में आवेदन भी कर दिए। आरोप है कि 30 जून तक जारी होनी वाली अंतर्जनपदीय स्थानांतरण सूची अब तक जारी नहीं हुई है। इससे शिक्षकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। दिव्यांग महागठबंधन के महासचिव वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि सरकार को शासनादेश का अनुपालन करते हुए तत्काल स्थानांतरण सूची जारी करनी चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 में भी दिव्यांग कार्मिकों के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण का प्रावधान है। उनके मुताबिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के निदेशक भी बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में दो पत्र भेज चुके हैं। इसके बावजूद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी।
वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा से हुई वार्ता के बाद उन्हें उम्मीद है कि जल्द सभी बाधाएं दूर कर सूची जारी की जाएगी। वहीं, एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा ने दो दिन बाद बेसिक शिक्षा मंत्री से वार्ता कराने का आश्वासन दिया है।
प्रदर्शन में अध्यक्ष मनीष प्रसाद, महासचिव वीरेन्द्र कुमार, सुजीत रावत, बलवीर सिंह, लाखन सिंह, आनंद तिवारी, राहुल कुमार, अल्पना कुमारी, गोमती वर्मा, राजकुमार, मुकेश कुमार भारती, दुर्वेश कुशवाहा, राज कुमार यादव, अरविंद सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।






