
लखनऊ, 29 अगस्त 2026:
यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट के साथ सियासी बयानबाजी लगातार तल्ख होती जा रही है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने शनिवार को एक बार फिर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। इस बार राजभर ने रक्षाबंधन के मौके पर हुए एक कार्यक्रम को लेकर अखिलेश पर ‘राखी घोटाले’ का आरोप लगाया है।
राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा कि… ‘लोगों का स्टेटस भले बदल जाये लेकिन आदत नहीं बदल सकती।’ उन्होंने आरोप लगाया कि सपा कार्यालय में दो दिन पहले लिफाफा वितरण समारोह आयोजित किया गया जिसमें महिलाओं को 11-11 हजार रुपये देने के नाम पर बुलाया गया था।
राजभर के मुताबिक कार्यक्रम में पहुंची महिलाओं को कथित तौर पर 11 हजार रुपये के बजाय महज 1100 रुपये का लिफाफा दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि बाकी रकम आखिर कहां गई? राजभर ने दावा किया कि कुछ महिलाओं ने मौके पर ही लिफाफा खोलकर देखा जिसके बाद कथित तौर पर पूरे मामले की चर्चा शुरू हुई।
अपने हमले को और धार देते हुए राजभर ने अखिलेश यादव के करीबियों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि अखिलेश के ही ‘विभीषण’ हर पैकेट से करीब 10-10 हजार रुपये निकाल ले गए और उन्हें लगा कि ‘शाह-ए-बेखबर’ को इसकी भनक नहीं लगेगी। राजभर ने अखिलेश को सलाह देते हुए कहा कि ऐसे ‘विभीषणों’ से जल्द से जल्द छुटकारा पा लेना चाहिए, वरना ‘ये सब आपकी लंका लगा के ही मानेंगे।’
अखिलेश जी,
एक कहावत है कि लोगों का स्टेटस भले बदल जाये लेकिन आदत नहीं बदल सकती। आप लोग सत्ता में रहें या न रहें, अपने खटकरमों से बाज नहीं आते।
इस बार कुछ नहीं मिला तो 'राखी घोटाला' करके बैठ गये? अरे कम से कम बहनों का मन और मान रख लिये होते! वैसे कंसवादियों से रक्षाबंधन जैसे…
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) August 29, 2026
राजभर यहीं नहीं रुके। उन्होंने अखिलेश पर रक्षाबंधन जैसे त्योहार की मर्यादा का भी हवाला देते हुए तीखी टिप्पणी की और सपा पर लगातार हमलावर रहने का अपना सिलसिला जारी रखा। मालूम हो कि राजभर कई हफ्तों से अखिलेश यादव और सपा पर लगातार निशाना साध रहे हैं। इससे पहले वह ‘चवन्नी’, पीडीए और 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी अखिलेश पर तंज कस चुके हैं।
हालांकि, राजभर के लगातार हमलों के बावजूद अखिलेश यादव फिलहाल उन्हें ज्यादा तवज्जो देते नजर नहीं आ रहे हैं। अखिलेश लगातार भाजपा और योगी सरकार के खिलाफ अपने हमले तेज किए हुए हैं। ऐसे में चुनाव से पहले राजभर और अखिलेश के बीच बढ़ती जुबानी जंग यूपी की सियासत में आने वाले दिनों में और गरमाने के संकेत दे रही है।






