Lucknow City

जब युवाओं ने उठाया ब्रश, दीवारों पर दिखा बदलता UP, ‘रंग दे बसंती’ का अनोखा संदेश

लखनऊ विश्वविद्यालय के पास ग्रैफिटी वॉल पर कलाकारों ने उकेरा माफियामुक्त यूपी का चित्र, 2017 से पहले और बाद के बदलाव को कला, संवाद और संगीत के जरिए सामने ला रहा अभियान

लखनऊ, 13 अगस्त 2026:

स्वतंत्रता दिवस से पहले यूपी में युवाओं को अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति का मंच देने के लिए शुरू किया गया ‘रंग दे बसंती’ अभियान अब युवाओं के बीच खासा आकर्षण पैदा कर रहा है। लखनऊ विश्वविद्यालय के पास आयोजित ग्रैफिटी वॉल कार्यक्रम में शहर के कलाकारों और युवाओं ने रंगों के जरिए ‘बदलते उत्तर प्रदेश’ की कहानी दीवारों पर उकेरी। माफियामुक्त यूपी, कानून-व्यवस्था, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और युवाओं के लिए बदलते माहौल को लाइव पेंटिंग के जरिए प्रदर्शित किया गया।

ब्रश से दिखाया 2017 से पहले और बाद का फर्क

कार्यक्रम में युवा चित्रकार मनीष सरोज की पेंटिंग ने खास ध्यान खींचा। उनकी कलाकृति में 2017 से पहले माफिया राज से जूझते उत्तर प्रदेश की तस्वीर के साथ वर्तमान में आए बदलाव को भी रचनात्मक तरीके से दिखाया गया। कलाकारों ने अपने रंगों और कल्पनाशीलता से कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और विकास की तस्वीर को सार्वजनिक दीवार पर जीवंत कर दिया।

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लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र रंजीत ने कहा कि ‘रंग दे बसंती’ के जरिए युवा प्रदेश में हुए बदलाव का संदेश लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। भित्ति चित्रों में मेट्रो, सड़क, इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई है। उनका कहना था कि कला के माध्यम से युवाओं की नजर से बदलते यूपी की तस्वीर लोगों के सामने रखी जा रही है।

विरोध हो लेकिन हिंसा नहीं-संवाद बने माध्यम

अभियान में शामिल छात्र अमन शुक्ला ने युवाओं से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं को अपनी समस्याओं और मुद्दों पर प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन विरोध की आड़ में हिंसा, दंगा या उपद्रव नहीं होना चाहिए। संवाद, कला और संगीत के जरिए भी युवाओं की आवाज मजबूती से सामने रखी जा सकती है।
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इसी सोच को अभियान की मूल अवधारणा ‘बंदूक की जगह ब्रश, डर की जगह डायलॉग’ के रूप में पेश किया गया है। 11 से 14 अगस्त तक चल रहे इस अभियान में कविता, कला, संगीत, संवाद और डिजिटल अभिव्यक्ति के माध्यम से युवाओं को अपनी बात रखने का अवसर दिया जा रहा है।

मुजफ्फरनगर में कॉमिक, 14 अगस्त को लॉन्च होगा ‘डर से आजादी’

अभियान के तहत 13 अगस्त को मुजफ्फरनगर में कॉमिक वितरण और संवाद कार्यक्रम होगा। सांप्रदायिक सद्भाव पर आधारित मूल कॉमिक युवाओं को वितरित की जाएगी और स्कूलों में संवाद कार्यक्रम आयोजित होंगे। वहीं, 14 अगस्त को अभियान का गीत ‘डर से आजादी’ लॉन्च किया जाएगा। इसके साथ रैप, संगीत और डिजिटल कला का समागम होगा। स्वतंत्रता दिवस से पहले ‘रंग दे बसंती’ युवाओं के बीच रचनात्मकता, संवाद और सकारात्मक अभिव्यक्ति का संदेश देने की कोशिश कर रहा है।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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