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अविवाहित भाई की मौत के बाद बहन को बनाया फर्जी पत्नी, पैतृक जमीन बेचकर 30 लाख हड़पे

बंटवारे के विवाद में भाभी की शिकायत पर खुला पूरा खेल, सगे भाई ने बहनों के साथ मिलकर तैयार किए गए फर्जी दस्तावेज, कोर्ट से नामांतरण कराकर बिल्डर को बेच दी जमीन, फ्रॉड करने वाले भाई व दो बहनों को पुलिस ने भेजा जेल

एमएम खान

मोहनलालगंज (लखनऊ), 25 जुलाई 2026:

सड़क हादसे में जान गंवा चुके एक अविवाहित युवक के हिस्से की पैतृक जमीन हड़पने के लिए उसके ही भाई ने ऐसी साजिश रची कि एक बहन को मृतक की पत्नी बनाकर फर्जी दस्तावेज तैयार करा दिए। बाद में कोर्ट से वरासत कराकर करीब 30 लाख रुपये में जमीन बेच दी गई। पूरे मामले का खुलासा भाभी की शिकायत के बाद हुआ। निगोहां पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

भाभी की शिकायत से खुला फर्जीवाड़ा

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मलूकपुर ढकवा में रहने वाले शत्रोहन की बहू शांति देवी ने 2 नवंबर 2025 को मोहनलालगंज थाने में देवर राजपाल उसकी बहन सुमन व गुड़िया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। शांति देवी के मुताबिक ससुर, उसके पति सर्वेश व देवर प्रेमचंद का देहांत हो चुका है। घर में पैतृक जमीन के बंटवारे का विवाद चल रहा था। भाई प्रेमचन्द्र की मौत का फायदा उठाते हुए एक अन्य भाई राजपाल ने परिवार की पैतृक जमीन हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज बनाये और जमीन बेच दी। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर निगोहां पुलिस ने राजपाल, उसकी बहन गुड़िया और सुमन देवी उर्फ जमुना देवी को गिरफ्तार कर लिया।

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अविवाहित भाई की फर्जी पत्नी बनाकर कराया नामांतरण

पुलिस जांच में सामने आया कि राजपाल का भाई प्रेमचंद्र वर्ष 2015 में सड़क हादसे में मारा गया था। उसकी शादी नहीं हुई थी। वर्ष 2018 में पिता की मौत के बाद पैतृक संपत्ति को लेकर परिवार में विवाद शुरू हुआ। इसी दौरान राजपाल ने बहन गुड़िया और सुमन देवी के साथ मिलकर सुमन को प्रेमचंद्र की पत्नी दिखाने की साजिश रची। वर्ष 2020 से 2022 के बीच फर्जी पहचान और दूसरे दस्तावेज तैयार किए गए। इन्हीं के आधार पर अदालत में दावा पेश किया गया। बाद में वर्ष 2023 में प्रेमचंद्र के हिस्से की जमीन सुमन देवी के नाम दर्ज करा ली गई।

30 लाख रुपये में बेच दी पैतृक जमीन

जांच में पता चला कि वर्ष 2024 में आपत्तियां खत्म होने के बाद गाटा संख्या 338 की करीब 0.789 हेक्टेयर पैतृक जमीन पीके कन्स्ट्रक्शन के प्रोपराइटर कमलेश कुमार को लगभग 30 लाख रुपये में बेच दी गई। पुलिस के मुताबिक, बिक्री की रकम का कुछ हिस्सा सुमन देवी के बैंक खाते में आया, जबकि बाकी रकम नकद लेकर तीनों आरोपियों ने आपस में बांट ली।

गिरफ्तारी से बचने के लिए बदलते रहे ठिकाने

मुकदमा दर्ज होने के बाद तीनों आरोपी लगातार गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग जगह छिपते रहे। इसी बीच पुलिस ने परसपुर ठट्ठा गांव के खेल मैदान के पास से राजपाल, सुमन व गुड़िया तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में राजपाल पर पहले से गोसाईगंज थाने में धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ा मुकदमा दर्ज है।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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