
गोरखपुर, 21 जुलाई 2026:
राजधानी स्थित सचिवालय में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर गोरखपुर की युवती से 10 लाख रुपये की ठगी की गई। बांसगांव क्षेत्र की एक युवती को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर लखनऊ में जॉइनिंग कराने का भरोसा दिलाया गया, लेकिन सचिवालय पहुंचने पर पूरा खेल खुल गया। जांच में नियुक्ति पत्र फर्जी निकला, जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की। अब पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
नौकरी दिलाने के नाम पर लिए 10 लाख रुपये
पुलिस के मुताबिक, बांसगांव थाना क्षेत्र की रहने वाली खुशी यादव ने 13 जून को शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि कौड़ीराम निवासी विनय उर्फ विपिन तिवारी ने सचिवालय में सरकारी नौकरी लगवाने का दावा करते हुए उससे 10 लाख रुपये ले लिए। पीड़िता ने बताया कि 3.50 लाख रुपये RTGS के जरिए ट्रांसफर किए गए, जबकि 6.50 लाख रुपये नकद दिए गए। रकम लेने के बाद आरोपी ने सचिवालय का नियुक्ति पत्र सौंपा और लखनऊ जाकर जॉइनिंग कराने का भरोसा दिया।
सचिवालय पहुंचते ही सामने आई सच्चाई
पीड़िता जब नियुक्ति पत्र लेकर लखनऊ सचिवालय पहुंची तो दस्तावेजों की जांच में पता चला कि नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी है। इसके बाद उसने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। शिकायत के आधार पर बांसगांव पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच में मिले सबूत, आरोपी गिरफ्तार
पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले। इसके बाद सोमवार रात उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसने इसी तरह कितने और लोगों को नौकरी का झांसा देकर ठगी की है। साथ ही फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करने में किसी दूसरे व्यक्ति की भूमिका भी जांच के दायरे में है।






