लखनऊ, 7 मई 2026:
सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने कहा कभी प्रदेश बॉटम थ्री में शामिल था आज यूपी देश के टॉप थ्री राज्यों में गिना जाता है। ये मंजिल यूं हीं नहीं मिली। हर वर्ग का ध्यान रखा गया पारदर्शिता लाई गई। ऐसे ही चयन प्रकिया को बनाया गया। अब सिफारिश या अनैतिक दबाव की जरूरत नहीं है। आपको अपनी योग्यता पर भरोसा है तो सरकार उस भरोसे को जिंदा रखेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लोकभवन में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 481 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इनमें 202 प्रोफेसर, रीडर, चिकित्सा अधिकारी और आयुष विभाग की स्टाफ नर्सें शामिल रहीं। वहीं व्यावसायिक शिक्षा विभाग के 272 अनुदेशक और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के सात नर्स, हॉस्टल वार्डन व कंपाउंडर को भी नियुक्ति मिली।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में अब नौकरी पाने के लिए सिफारिश या अनैतिक दबाव की जरूरत नहीं पड़ती। आवेदन से लेकर परीक्षा और रिजल्ट तक पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनाई गई है। उन्होंने कहा कि पहले युवाओं में भर्ती प्रक्रिया को लेकर भरोसे का संकट था, लेकिन पिछले नौ वर्षों में सरकार ने आयोगों की जवाबदेही तय कर चयन प्रक्रिया को व्यवस्थित किया है।
सीएम ने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता बढ़ी है और कोशिश यही रही कि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो। उन्होंने कहा कि साफ नीयत और स्पष्ट नीति की वजह से भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है। आयुष विभाग की भर्ती में वेरिफिकेशन के कारण कुछ देरी जरूर हुई, लेकिन प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बड़े स्तर पर युवाओं को रोजगार से जोड़ने का काम हुआ है। अलग-अलग आयोगों और विभागों को जिम्मेदारी के साथ काम दिया गया, जिससे भर्ती प्रक्रिया में भरोसा बढ़ा। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों से ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ काम करने की अपील भी की।
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मौजूदा सरकार में भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में नौ लाख से ज्यादा युवाओं को बिना भ्रष्टाचार नौकरी दी गई। मंत्री ने बताया कि विभाग ने 14 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया है, जबकि करीब साढ़े सात लाख युवाओं को रोजगार से जोड़ा गया है। उन्होंने आईटीआई में उद्योगों की जरूरत के हिसाब से सोलर, एविएशन, 3डी प्रिंटिंग और इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे नए ट्रेड शुरू किए जाने की भी जानकारी दी।






