राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 25 जुलाई 2026ः
साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपने झांसे में फंसा रहे हैं। कभी डिजिटल अरेस्ट तो कभी सोशल मीडिया पर नौकरी व आसानी से लोन दिलाने का विज्ञापन दे ऑनलाइन खाते खुलवाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। इसी क्रम में उत्तराखंड में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर करीब 92 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में स्पेशल टास्क फोर्स एक आरोपी को हरियाणा की भोंडसी जेल से रुद्रपुर लाई।
एसटीएफ के अनुसार जांच में आरोपी रवि पाटवा (26वर्ष) निवासी अकोला, जिला चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) की संलिप्तता सामने आई। आरोपी पहले से ही हरियाणा के गुरुग्राम स्थित भोंडसी जेल में एक अन्य साइबर धोखाधड़ी के मामले में बंद था। कोर्ट से वारंट प्राप्त करने के बाद एसटीएफ टीम उसे रुद्रपुर लेकर आई और कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
शिकायतकर्ता पंकज कुमार सती की तहरीर पर मामला दर्ज किया गया था। साइबर ठगों ने वाट्सएप के माध्यम से संपर्क कर स्वयं को प्रतिष्ठित ट्रेडिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताया और शेयर ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का लालच देकर 18 मार्च से 30 अप्रैल 2025 के बीच विभिन्न ऑनलाइन लेनदेन के जरिए 92.04 लाख रुपये की ठगी कर ली। जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण, बैंक खातों की जांच और लाभार्थी खाताधारकों के बयानों के आधार पर रवि पाटवा की भूमिका सामने आई।
एसटीएफ आरोपी से पूछताछ कर उसके डिजिटल और वित्तीय नेटवर्क की जांच कर रही है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। एसटीएफ के अनुसार आरोपी के खिलाफ उत्तराखंड के अलावा हरियाणा के पंचकूला और गुरुग्राम में भी साइबर धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। एसएसपी एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि शेयर ट्रेडिंग या निवेश में भारी मुनाफे का लालच देने वाले वाट्सएप ग्रुप, टेलीग्राम ग्रुप, सोशल मीडिया विज्ञापनों या अनजान व्यक्तियों पर भरोसा न करें।






