
लखनऊ, 30 सितंबर 2026:
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बुधवार को यूपी की राजधानी लखनऊ में वामदलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। परिवर्तन चौक से डीएम कार्यालय (कलेक्ट्रेट) तक निकाले गए जुलूस में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और निर्वाचन व्यवस्था की स्वतंत्रता बहाल करने की मांग की।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत वामदलों के कार्यकर्ता दोपहर में परिवर्तन चौक पर एकत्र हुए। हाथों में लाल झंडे और विभिन्न मांगों से जुड़े प्लेकार्ड लिए कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए डीएम कार्यालय की ओर मार्च किया। जुलूस का नेतृत्व भाकपा (माले) के जिला प्रभारी रमेश सिंह सेंगर, सीपीआई (एम) की जिला सचिव मधु गर्ग, सीपीआई के जिला सचिव परमानंद और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक की सचिव आरती ने किया।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’, ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’, ‘SIR प्रक्रिया पर रोक लगाओ’ और निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल करने जैसे नारे लगाए। कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद जुलूस जनसभा में तब्दील हो गया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम रामदेव निषाद को सौंपा।
सभा को संबोधित करते हुए वामदलों के नेताओं ने आरोप लगाया कि SIR के जरिए मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे दलित, मुस्लिम, आदिवासी और महिला मतदाताओं पर विशेष असर पड़ने की आशंका है। नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर पद के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।

नेताओं ने गत दिनों एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित चुनाव आयोग से संबंधित रिपोर्ट का भी हवाला दिया। रिपोर्ट में चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों पर कम-से-कम 14 बार आपत्ति दर्ज किए जाने की बात सामने आई थी। वाम नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा उसकी प्रमुख जिम्मेदारी है। उन्होंने SIR की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
सभा को भाकपा (माले) की राज्य कमेटी के सदस्य राधेश्याम मौर्य, सीपीआई के राज्य सचिवालय सदस्य रामचंद्र सरस और सीपीआई (एम) राज्य सचिव मंडल सदस्य प्रेम नाथ राय समेत कई नेताओं ने संबोधित किया। प्रदर्शन में सीपीआई के फूलचन्द यादव, सीपीएम के प्रवीण सिंह, सुमन सिंह, केके चतुर्वेदी, वंदना राय, फारवर्ड ब्लॉक के उदय नाथ सिंह, आइसा के शान्तम, समर, इशिका थामस, करुणाकर, कमला गौतम, मंजू गौतम, कुमार मधुसूदन मगन, रमेश चन्द्र शर्मा, रामसेवक रावत समेत कई लोग सामिल थे।






