
लखनऊ, 4 अक्टूबर 2026:
यूपी में होटल, रेस्तरां और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में लोगों की सेहत से खिलवाड़ अब आसान नहीं होगा। खाने में इस्तेमाल होने वाले तेल से लेकर उसमें मौजूद एलर्जी पैदा करने वाले घटकों तक की जानकारी उपभोक्ताओं को देनी होगी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने खाद्य कारोबारियों के लिए जरूरी चेक प्वाइंट जारी करते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर सख्ती के निर्देश दिए हैं।
केंद्रीय लाइसेंस वाले और 10 या उससे अधिक प्रतिष्ठान संचालित करने वाले कारोबारियों के लिए मेन्यू कार्ड अनिवार्य किया गया है। मेन्यू में यह बताना होगा कि भोजन तैयार करने में किस खाद्य तेल का इस्तेमाल किया गया है। पैक खाद्य पदार्थों और मेन्यू में शाकाहारी-मांसाहारी चिह्न, कृत्रिम मिठास, कृत्रिम रंग और एलर्जी पैदा करने वाले घटकों की जानकारी भी देनी होगी। खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल सामग्री का उचित लेबल भी लगाना होगा।
विभाग ने साफ किया है कि प्रतिबंधित रंग, रसायन और तरल नाइट्रोजन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। एक्सपायर कच्चे माल या पैक खाद्य पदार्थों से भी खाना तैयार नहीं किया जाएगा। शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को एक साथ रखने पर भी रोक रहेगी।
खाद्य प्रतिष्ठानों की रसोई में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी नियम तय किए गए हैं। भोजन तैयार करने वालों को हेयरनेट, दस्ताने और एप्रन पहनना होगा। संक्रामक बीमारी या त्वचा रोग से पीड़ित कर्मचारियों को खाद्य कार्य से दूर रखना होगा।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की आयुक्त रोशन जैकब ने कारोबारियों को उनकी गतिविधि के अनुसार एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण लेने और उसे खाद्य सुरक्षा बोर्ड के साथ प्रतिष्ठान में प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। उपभोक्ताओं की शिकायत के लिए फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप का क्यूआर कोड भी लगाया जाएगा।
इसके अलावा प्रतिष्ठानों में पर्याप्त रोशनी, वेंटिलेशन, जल निकासी और हाथ धोने की व्यवस्था जरूरी होगी। खिड़की-दरवाजों पर कीटरोधी जाली, खाद्य संपर्क वाले जंगरोधी और आसानी से साफ होने वाले बर्तन तथा खाद्य-ग्रेड पैकेजिंग सुनिश्चित करनी होगी।
कारोबारियों को खरीद और आपूर्तिकर्ताओं के रिकॉर्ड, तापमान रजिस्टर, पानी-तेल जांच रिपोर्ट, सफाई व कीट नियंत्रण रिकॉर्ड और कर्मचारियों के चिकित्सकीय फिटनेस प्रमाणपत्र समेत जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखने होंगे।






